इराक़ी संसद ने अमरीकी सैनिकों को देश से निकालने की धमकी दी
इराक़ की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा व प्रतिरक्षा के कमीशन ने एक बयान जारी करके कहा है क अगर अमरीकियों ने दोबारा शत्रुतापूर्ण क़दम उठाया तो इराक़ की सरकार को, सभी विदेशी सैनिकों को देश से बाहर निकालने के संसद के बिल को तुरंत लागू करना होगा।
बयान में कहा गया है कि पिछले दिनों जो हमला किया गया अगर वैसा ही हमला फिर होता है तो इसका मतलब यह होगा कि अमरीकी सैनिक हमला करने पर अड़े हुए हैं और फिर इराक़ की सरकार की ज़िम्मेदारी होगी कि वह भी विदेशी सैनिकों को देश से बाहर निकालने के संसद के फ़ैसले पर अमल करे।
इराक़ की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा व प्रतिरक्षा के आयोग ने अपने बयान में ज़ोर देकर कहा है कि हश्दुश्शाबी (स्वयंसेवी बल) एक राष्ट्रीय बल है और क़ानून के परिप्रेक्ष्य में सशस्त्र बलों के जनरल कमांडर की कमान में काम करता है, इस लिए उस पर हमला, इराक़ के राष्ट्रीय संकल्प को निशाना बनाने और इराक़ के सभी सशस्त्र बलों पर हमले के अर्थ में है।
याद रहे कि अमरीका के युद्धक विमानों ने सोमवार को सीरिया व इराक़ की सीमा पर हश्दुश्शाबी की एक छावनी पर हमला कर दिया था। अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए बताया था कि राष्ट्रपति जो बाइडन के आदेश पर अमरीकी युद्धक विमानों ने सीरिया व इराक़ की सीमा पर स्थित अलबू कमाल के कुछ इलाक़ों पर सटीक हमला किया था।
इस हमले में चार इराक़ी सुरक्षा बल शहीद हो गए। हश्दुश्शाबी के एक कमांडर अहमद मकसूसी ने एक बयान जारी करके अपने सहयोगियों की शहादत पर संवेदना प्रकट की है और स्वयंसेवी बल के कमांडर को संबोधित करते हुए कहा है कि उनके सहयोगी, बदला लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

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