आतंकवादियों के आने से अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति और जटिल हो गयी हैः अशरफ़ ग़नी
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा है कि आतंकवादियों के आने से इस देश की स्थिति और जटिल हो गयी है।
मोहम्मद अशरफ़ ग़नी ने बुधवार को काबुल में एक बैठक में कहा कि आतंकवादी गुटों विशेषकर जैशे मोहम्मद, लश्करे तय्यबा और दाइश के प्रवेश ने इस देश में जारी युद्ध को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय रुख दे दिया है।
उन्होंने राजनीतिक सहमति व समझौते को अफ़ग़ान संकट का एकमात्र समाधान बताया और कहा कि तालेबान चुनावों में भाग लेकर सत्ता में भागीदार बन सकते हैं। अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि तालेबान का अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी गुटों से संपर्क है और पूरी दुनिया के इस्लामी धर्मगुरूओं और विद्वानों ने कहा है कि अफ़गानिस्तान में जारी युद्ध धार्मिक नहीं है।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में युद्ध का बंद हो जाना पूरे क्षेत्र के हित में होगा और वह दूसरे देशों से संपर्क की भूमिका होगा। अशरफ़ ग़नी ने तालेबान गुट की हालिया प्रगति की ओर संकेत किया और चेतावदी कि अगर अफगान शांति प्रक्रिया किसी परिणाम पर नहीं पहुंचती है तो अफगानिस्तान सीरिया, इराक और लेबनान की भांति गृहयुद्ध की आग में चला जायेगा।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि इस देश के पड़ोसी देशों के साथ सात महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों के हाथ से चले जाने से काबुल सरकार की आमदनी में पांच दशमलव दो प्रतिशत की कमी हो गयी है और सरकार ग़ैर ज़रूरी कार्यक्रमों को कम करने के लिए बाध्य है।

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