राजकुमारी डायना की ज़िंदगी का आख़िरी दिनः विवेचना
राजकुमारी डायना ने अपना आख़िरी दिन अपने पार्टनर डोडी अल फ़ायद की नौका के ऊपरी डेक में बिताया. नाश्ते में उन्होंने ताज़े जैम के साथ एक एक क्रोएसाँ खाया.
साथ में डायना ने दूध वाली कॉफ़ी ली जबकि डोडी ने काली कॉफ़ी का मग लिया. उस दिन साढ़े ग्यारह बजे दोनों ने नौका छोड़ दी ताकि वो डोडी के निजी विमान से पेरिस पहुंच सकें. उनके साथ डोडी का बटलर और उनका मालिश करने वाला भी गया क्योंकि डोडी की पीठ में उस दिन काफ़ी दर्द था.
उस दिन डोडी के केलेंडर में सिर्फ़ एक एंट्री थी. उन्हें शाम साढ़े छह बजे पेरिस में अपने पिता के होटल रिट्ज़ के नज़दीक एक ज्वेलर के पास से एक अंगूठी लेनी थी. जैसे ही वो नीचे उतरे कैमरा वालों ने उनकी तस्वीरें लेनी शुरू कर दीं. शाम को वो दोनों रिट्ज़ होटल पहुंचे. डायना अपने बाल संवरवाने होटल के सैलून में चली गईं और डोडी अपने ज्वेलर से मिलने चले गए.
मशहूर पत्रकार क्रिस्टोफ़र एंडरसन अपनी किताब 'द डे डायना डाइड' में लिखते हैं, "पहले वो दोनों पेरिस के रेस्तराँ 'शे बेनॉय' गए लेकिन जब वहाँ उन्होंने फोटोग्राफ़रों की भीड़ देखी तो वो लौट कर 'रिट्ज़' के डाइनिंग रूम में आ गए. वहाँ डायना ने वेजेटेबिल 'टेंपूरा' का ऑर्डर किया जब कि डोडी ने ग्रिल्ड 'टरबोट' मछली मंगवाई."
"ऑर्डर देने के तुरंत बाद वो असहज महसूस करने लगे क्योंकि कई आँखें उन्हें घूर रही थीं. उन्होंने तुरंत डायनिंग रूम छोड़ा और बेयरर से कहा कि वो उनका खाना उनके इंपीरयल स्वीट में पहुंचा दें."
ड्राइवर ने पी रखी थी शराब
एंडरसेन आगे लिखते हैं, "डोडी ने योजना बनाई कि उनके ड्राइवर और अंगरक्षक ये आभास देंगे कि वो आगे के गेट से बाहर निकलने वाले है जहाँ उनकी मर्सिडीज़ गाड़ियों का काफ़िला उनका इंतेज़ार कर रहा है, लेकिन तभी डोडी होटल के पिछले दरवाज़े से होटल की एक दूसरी मर्सिडीज़ एस 280 में निकल जाएंगे."
डोडी की ये योजना सफल रही लेकिन उस दिन उनके ड्राइवर आनरी पॉल ने शराब पी रखी थी. उनके ख़ून में अल्कोहल की मात्रा फ़्रांस की कानूनी मान्य सीमा से तीन गुना अधिक थी. बाद में जब उनके खून की जाँच की गई तो उसमें प्रोज़ेक और टियाप्राइडल जैसी दवाओं के अंश भी मिले, जिन्हें एंटी डिप्रेसेंट के तौर पर लिया जाता है.
सुरंग के खंबे से मर्सिडीज़ टकराई
जैसे ही वो वहाँ से निकले फ़ोटोग्राफ़रों को इस बारे में हवा लग गई और वो उनके पीछे मोटरसाइकलों पर दौड़ पड़े. उनका ड्राइवर उनको छकाते हुए ईफ़ेल टावर के पास 'पों दे अलमा' सुरंग के अंदर घुस गया. ठीक 12 बज कर 23 मिनट पर फ़ोटोग्राफ़रों से बच निकलने की कोशिश कर रही कार सुरंग के एक कंकरीट खंभे से जा टकराई.
इस टक्कर से कुछ ही मिनट पहले डोडी के अंगरक्षक ट्रेवर रीस जोंस ने अपनी सीट बेल्ट पहन ली थी. उस कार में सवार चार लोगों में से एक वो ही अगले दिन की सुबह देखने के लिए ज़िदा रहे. बाद में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "हम सेन नदी के किनारे चल रहे थे, तभी हमने एक ज़ोर का धमाका सुना. ऐसा लगा कि जैसे किसी ने बहुत नज़दीक से बंदूक से कोई फ़ायर किया और एक कार के टायरों के स्क्रीच की आवाज़ सुनाई दी."
एक दूसरे चश्मदीद ने बताया, "मैं अपनी गर्ल फ़्रेड और तीन अन्य पर्यटकों के साथ सुरंग के द्वार पर था. ट्रैफ़िक थोड़ा धीमा हो चला था, क्योंकि वाहन 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आगे बढ़ रहे थे. जैसे ही धमाका हुआ मैं और एक जर्मन पर्यटक अंदर की तरफ़ दौड़े ताकि हम कार में सवार लोगों की मदद कर सकें."

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