डीयू में सावरकर, सुषमा और जेटली के नाम पर खुलेंगे नए कॉलेज
दिल्ली यूनिवर्सिटी में नए कॉलेजों और सेंटर्स के नाम तय करने पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार वाइस चांसलर को दिया जा रहा है. ये नाम जानी-मानी शख़्सियतों की उस अप्रूव्ड लिस्ट से लिए जाएंगे, जिनमें वीर सावरकर, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के नाम शामिल हैं.
कोलकाता से छपने वाले टेलीग्राफ़ अख़बार के मुताबिक़ इस लिस्ट और नाम तय करने का अंतिम अधिकार वाइस चांसलर को दिए जाने के प्रस्ताव पर विवाद छिड़ गया है.
अकादमिक दुनिया के कुछ लोगों का कहना है कि इस क़दम का मक़सद मौजूदा सरकार को ख़ुश करना है.
अब तक नए संस्थानों के नाम यूनिवर्सिटी की अकादमिक और एग्ज़िक्यूटिव काउंसिल में चर्चा के बाद तय किए जाते थे. वाइस चांसलर को नामों के चयन में अंतिम प्राधिकार घोषित करने प्रस्ताव को एकैडमिक काउंसिल ने मंज़ूरी दे दी है.
मंगलवार को एग्ज़िक्युटिव काउंसिल इस पर चर्चा करेगी. अगर एग्ज़िक्यूटिव काउंसिल में ये प्रस्ताव पारित हो गया तो दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अपनी पसंद से नए नामों को लेकर फ़ैसला कर सकेंगे.
अख़बार का यूनिवर्सिटी सूत्रों के हवाले से कहना है कि एग्ज़िक्यूटिव काउंसिल में ये प्रस्ताव पारित हो जाएगा.
इस प्रस्ताव की अहमियत इस वजह से है कि हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय को नजफगढ़ इलाके में 16 एकड़ और दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर इलाके में 40 बीघा ज़मीन नए कॉलेजों की स्थापना के लिए आवंटित किया गया है.
सावरकर, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के अलावा वाइस चांसलर इस लिस्ट के जिन नामों पर नए संस्थानों के नाम रख सकते हैं, उनमें स्वामी विवेकानंद, सरदार पटेल, अटल बिहार वाजपेयी, सावित्रीबाई फुले, चौधरी ब्रह्म प्रकाश और सीडी देशमुख शामिल हैं.

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