योगी आदित्यनाथ पहुंचे फ़िरोजाबाद

 


स्थिति की जानकारी लेने सोमवार को फ़िरोज़ाबाद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल एजूकेशन और सर्विलांस टीम से तत्काल चांज कराई जाए ताकि पता चले कि यह बीमारी डेंगू है या फिर कुछ और. फ़िरोज़ाबाद में मेडिकल कॉलेज के बाद मुख्यमंत्री योगी सुदामा नगर भी गए जहां सबसे ज़्यादा इस बीमारी से पीड़ित लोग हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा, "निर्देश दिए गए हैं कि सभी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों पर वायरल बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों की दवा उपलब्ध होनी चाहिए. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सफ़ाई, सैनिटाइज़ेशन और फ़ॉगिंग का काम सक्रियता से किया जाए और जलभराव को रोकने के लिए व्यापक व्यवस्था की जाए."

डॉक्टरों का कहना है कि बुखार से पीड़ित लोगों में डेंगू, मलेरिया के अलावा जापानी इंसेफ़ेलाइटिस जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं. वहीं, फ़िरोज़ाबाद के ज़िलाधिकारी चंद्र विजय सिंह इन अफ़वाहों को ख़ारिज किया है कि बच्चों की मौतों की वजह कोरोना की तीसरी लहर है. प्रशासन का दावा है कि बच्चों समेत अब तक जिन लोगों की भी मौत हुई है, उनमें कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं था

अफ़वाह

ज़िलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने कहा, "लोग यह अफ़वाह उड़ा रहे हैं कि बच्चों की मौतों की वजह कोरोना की तीसरी लहर है, लेकिन ये बिल्कुल ग़लत है. बारिश के बाद जलभराव होने से डेंगू और तरह-तरह के मच्छर पनप गए हैं. यही वजह है कि ज़्यादातर बच्चे ही इसकी चपेट में हैं. लोगों से अपील है कि इस अफ़वाह पर ध्यान न दें कि ये कोरोना की तीसरी लहर है."

फ़िरोज़ाबाद का ज़्यादातर इलाक़ा वायरल बुखार, डेंगू और मलेरिया की चपेट में आ गया है. सैकड़ों की संख्या में बच्चे बुखार से प्रभावित हो रहे हैं. अस्पतालों में बच्चों का वॉर्ड भर जाने के बाद कोविड-19 के लिए बनाए गए आइसोलेशन वॉर्ड में भी अब बुखार पीड़ित बच्चों को भर्ती कर दिया गया है.

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