मुख्तार अंसारी के भाई सिब्ग़तुल्ला अंसारी समाजवादी पार्टी में शामिल


आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र समाजवादी पार्टी ने मुख्तार अंसारी के भाई सिब्ग़तुल्ला अंसारी और पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी को पार्टी में शामिल कर लिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ ग़ाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सिब्ग़तुल्ला अंसारी के सपा में शामिल होने की आलोचना की है.

सत्तारूढ़ भाजपा ने सपा से पूछा है कि "माफिया मुख़्तार के भाई और समाजवादी पार्टी का रिश्ता क्या कहलाता है."

मऊ से पांच बार के विधायक और बसपा नेता मुख़्तार अंसार इस समय जेल में है. सिब्ग़तुल्ला अंसारी के दूसरे भाई अफज़ल अंसारी ग़ाज़ीपुर से बसपा के सांसद हैं. अंसारी परिवार का पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर, बलिया, मऊ, आज़मगढ़ और वाराणसी जैसे ज़िलों में प्रभाव माना जाता है.

सिब्ग़तुल्ला अंसारी और अंबिका चौधरी के सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा, "मेरी कोशिश रहेगी कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के करीबी नेताओं को पार्टी में वापस लाया जाए..."

साल 2017 में अंबिका चौधरी ने सपा छोड़ते वक़्त कहा था कि वे मुलायम सिंह यादव के साथ जैसा बर्ताव किया गया है, उससे वे आहत हुए थे. इंडियन एक्सप्रेस से उन्होंने कहा कि बसपा में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई, इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ने का फ़ैसला किया.

विवादास्पद कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पारित

तमिलनाडु विधानसभा ने शनिवार को एक प्रस्ताव पारित कर तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को ख़त्म करने की केंद्र सरकार से अपील की. इन तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली बोर्डर पर महीनों से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ विधानसभा में इस प्रस्ताव पर वोटिंग शुरू होने से पहले अन्नाद्रमुक और भाजपा के विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और वे बाहर चले गए.

लेकिन एनडीए की सहयोगी पार्टी पीएमके, कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके, एमएमके और वामपंथी सदस्यों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एमके स्टालिन ने कहा कि इन कृषि क़ानूनों को केंद्र सरकार ने बिना राज्य सरकारों से सलाह मशविरा किए एकतरफ़ा तरीके से लागू किया है क्योंकि ये क्षेत्र राज्य सरकारों के अधिकारों के अधीन हैं. इससे राज्यों की शक्तियां प्रभावित हुई हैं और संघीय ढांचे को कमज़ोर किया गया है.

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