इस महान हस्ती की किताबें और अन्य रचनाएं आत्मज्ञानियों के लिए लाभदायक स्रोत थीं और रहेंगी सुप्रीम लीडर
ईरान में महान विद्वान हसनज़ादा आमुली के निधन पर सर्वोच्च नेता ने शोक संदेश जारी करते हुए संवेदना जताई।
वरिष्ठ नेता ने अपने संदेश में लिखा कि एकेश्वरवाद के राही और धर्म व ज्ञान की गहरी समझ रखने वाले विद्वान आयतुल्लाह हसन ज़ादा आमुली के निधन की दुखद ख़बर मिली।
वरिष्ठ नेता ने अपने संदेश में लिखा कि यह विद्वान धर्मगुरू, विभिन्न कलाओं में माहिर और उन गिनी चुनी गौरवशाली व बेजोड़ हस्तियों में थे जो अपने वुजूद से अपने दौर के आत्मज्ञानियों के दिलों की ठंडक बने रहते थे और हमेशा उनके ज्ञान, आत्मज्ञान और तर्क की प्यास को बुझाते थे।
सर्वोच्च नेता ने आगे लिखा कि इस महान हस्ती की किताबें और अन्य रचनाएं आत्मज्ञानियों के लिए लाभदायक स्रोत थीं और रहेंगी
आयतुल्लाह हसनज़ादा आमुली का शनिवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने फ़िक़ह, दर्शनशास्त्र, नैतिकशास्त्र, गणित, खगोल शास्त्र, अरबी व फ़ार्सी साहित्य, प्राचीन तिब, तफ़सीरे क़ुरआन और अनेक इस्लामी विषयों पर दर्जनों किताबें लिखी हैं।
शनिवार को उन्हें तबीयत ख़राब होने पर उत्तरी ईरान के आमुल शहर में इमाम रज़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां रात को उन्होंने आख़िरी सांस ली।

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