जेल से रिहा होने के बाद शेख़ ज़कज़की का पहला इंटरव्यू, कई रहस्यों से उठाया पर्दा




नाइजीरिया के सबसे प्रभावशाली धर्मगुरु माने जाने वाले शेख़ इब्राहीम ज़कज़की ने प्रेस टीवी के साथ ख़ास बातचीत में कहा है कि अगर देश में आज जनमत संग्रह का आयोजन करवाया जाए तो निश्चित रूप से अधिकांश नाइजीरियाई इस्लामी शासन प्रणाली के विकल्प का चयन करेंगे।

जुलाई में जेल से रिहा होने के बाद प्रेस को दिए गए अपने पहले इंटरव्यू में उन्होंने कहाः मेरा मानना ​​​​है कि अगर देश में जनमत संग्रह करवाया जाए और लोगों से पूछा जाए वे कौन सी व्यवस्था पसंद करेंगे? क्या मौजूदा व्यवस्था को जारी रखना चाहेंगे, जो ब्रिटिश उपनिवेश से विरासत में मिली है, या इस्लामी व्यवस्था पसंद करेंगे?

आयतुल्लाह ज़कज़की कहना था कि नाइजीरियाई अधिकारियों ने सख़्ती से इस तरह के किसी भी जनमत संग्रह के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है, लेकिन वह नाइजीरिया में इस तरह की व्यवस्था की स्थापना की संभावना से इंकार नहीं कर सकते।

हालांकि उनका यह भी कहना था कि यह लोगों पर निर्भर करता है कि वे दिए गए विकल्पों में से किसे चुनना चाहते हैं, जैसा कि 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद जनमत संग्रह हुआ था।

उनका कहना था कि नाइजीरियाई अधिकारियों ने सार्वजनिक तरीक़े से नहीं लेकिन निजी तौर पर स्वीकार किया है कि वे इस्लामी आंदोलन से डरे हुए हैं। उन्हें यह भी डर है कि नाइजीरिया में ईरान की इस्लामी क्रांति की तरह इस्लामी व्यवस्था की स्थापना की संभावना दिखाई पड़ती है।

ग़ौरतलब है कि दिसम्बर 2015 में नाइजीरियाई सेना ने शिया धर्मगुरु शेख़ ज़कज़की और उनके समर्थकों पर व्यापक रूप से अत्याचार किए थे।  

नाइजीरियाई शिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्यवाही में शेख़ के तीन बेटों समेत सैकड़ों शिया युवक मारे गए थे, जबकि गंभीर रूप से घायल अवस्था में शेख़ ज़कज़की और उनकी पत्नी को गिरफ़्तार कर लिया गया था।

शेख़ ज़कज़की ने बताया कि उन पर और उनकी पत्नी पर जो ज़ुल्म हुआ है, उसके बाद उनका ज़िंदा रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

नाइजीरियाई सुरक्षा बलों द्वारा शिया मुसलमानों के जनसंहार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ख़ुद अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने 347 लोगों को एक सामूहिक क़ब्र में दफ़्न किया था, जबकि ऐसी दूसरी भी सामूहिक क़ब्रे हैं।

2016 में नाइजीरियाई हाइकोर्ट ने शेख़ ज़कज़की और उनकी पत्नी को तमाम आरोपों से बरी करते हुए रिहा करने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद, उन्हें जुलाई 2021 में रिहा किया गया है।

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