कश्मीरी छात्रों को तुरंत आज़ाद किया जाएः महबूबा मुफ़्ती
भारत नियंत्रित कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कश्मीरी छात्रों की तत्काल आज़ादी की मांग की है।
पीडीपी की नेता ने कहा कि तीनों कश्मीरी छात्र अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद ग़नी को तत्काल आज़ाद किया जाए।
महबूबा मुफ़्ती ने आगरा के इंजीनियरिंग कालेज में शिक्षा प्राप्त करने वाले कश्मीरी छात्रों के बारे में कहा है कि उन्होंने पाकिस्तान के समर्थन में नारे नहीं लगाए। महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू और कश्मीर के भीतर और बाहर कश्मीरी छात्रों पर कार्रवाई निंदनीय है। जम्मू व कश्मीर में दो साल के दमन के बाद की स्थिति भारत सरकार के लिए एक आंख खोलने वाली होनी चाहिए। उन्होंने मांग कि है कि इन छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगरा कॉलेज के अधिकारियों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट को भी टैग किया, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में कोई राष्ट्र विरोधी नारे नहीं लगाए गए थे।
याद रहे कि भारत के उत्तर प्रेदश राज्य के आगरा में टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान की जीत के बाद जश्न मनाने और देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में बिचपुरी स्थित आरबीएस टेक्निकल कैंपस के तीन कश्मीरी छात्रों अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद ग़नी को गिरफ़्तार किया गया था। यह तीनों कश्मीरी छात्र बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किए गए।
विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा यादव ने तीनों छात्रों को 11 नवंबर तक जेल भेज दिया। पुलिस ने मुकदमे में राजद्रोह की धारा 124ए की वृद्धि कर दी है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी छात्रों को जेल ले जाने के दौरान भाजपा कानून एवं विधिक विभाग के अधिवक्ता और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी-कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। आरोपी छात्रों से धक्कामुक्की की। कुछ सूत्रों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट भी हुई।
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