इराक़ी न्यायपालिका अमरीकी दबाव में-कताएब हिज़बुल्लाह
इराक़ के कताएब हिज़बुल्लाह संगठन का कहना है कि देश की न्याय पालिका, अमरीकी दबाव में है।
अलमयादीन टीवी चैनेल के अनुसार कताएब हिज़बुल्लाह का कहना है कि इराक़ के संसदीय चुनाव में जो कुछ हुआ वह इस देश के इतिहास की सबसे बड़ी धोखाधड़ी है।
इराक़ के कताए हिज़बुल्लाह की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि इराक़ की न्यायपालिका, देश के चुनावी परिणामों के संबन्ध में अमरीका और राष्ट्रसंघ के दबाव में है। जिसने भी इराक़ियों के अधिकारों के साथ धोखाधड़ी की है वह वास्तव में अमरीकी-ज़ायोनी-सऊदी गठबंधन का समर्थक है। यह वह गठबंधन है जो अपनी अवैध इच्छा को इराक़ियों पर थोपना चाहता है।
इस बयान में यह भी कहा गया है कि इराक़ी न्यायपालिका, अमरीकी राजदूत और राष्ट्रसंघ के विशेष दूत की धमकियों और दबाव से प्रभावित है। कताएब हिज़बुल्लाह ने कहा कि हमने फैसला किया है कि हम अगली किसी भी सरकार में शामिल नहीं होंगे।
ज्ञात रहे कि इराक़ की जूडिशीएरी ने इस देश के संसदीय चुनाव होने के 78 दिनों के बाद सोमवार को चुनावों के परिणामों की पुष्टि की है। न्यायालय ने चुनावों को निरस्त कराने के फैसले को रद्द कर दिया।
उल्लेखनीय है कि इराक़ में 10 अक्तूबर को संसदीय चुनाव का आयोजन हुआ था जिसके परिणाम का इराक़ के बहुत से राजनैतिक धड़े और दल विरोध कर रहे हैं।
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