अमेरिकी सैनिकों को इराक से निकालने के लिए क्या चीज़ बहुत ज़रूरी है?
नया साल आरंभ हो गया परंतु इराक से अमेरिका के अतिग्रहणकारी सैनिक अब तक नहीं निकले हैं।
इराकी पार्टियों, गुटों और इस देश के लोगों का मानना है कि इस देश में अमेरिका के अतिग्रहणकारी सैनिकों की उपस्थिति इराकी संसद में पारित होने वाले प्रस्ताव के खिलाफ है।
इराकी संसद में जो प्रस्ताव पारित हुआ है उसके अनुसार 31 दिसंबर 2021 तक अमेरिकी सैनिकों को इराक से निकल जाना था। अमेरिकी अधिकारियों के बयानों के दृष्टिगत वे इराक से अपने सैनिकों को निकालने के लिए तैयार नहीं हैं
इस आधार पर यह विषय इराकी सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती होगी कि वह समस्त विदेशी सैनिकों को बाहर निकाले और इराकी लोगों को किसी भी रूप में अपने देश में विदेशी सैनिकों का अस्तित्व बर्दाश्त नहीं है।
इराकी लोगों की एक मांग अपने देश से समस्त विदेशी सैनिकों को निकालना रहा है इस बात के दृष्टिगत यह विषय इराक की गठित होने वाली नई सरकार में पार्टियों और गुटों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और अगर अमेरिकी सैनिकों को अपने देश से निकालने के बारे में इराकी पार्टियां व गुट एकमत व एकजुट नहीं रहे तो अमेरिका इराक में अपनी पकड़ मज़बूत करेगा और इराक में अपनी उपस्थिति जारी रखेगा।
पश्चिम एशिया में अमेरिका की सेंट्रल कमान सेन्टाकॉम के प्रमुख ने राबर्ट मेकगर्क ने भी एलान किया है कि कोई भी अमेरिकी सैनिक इराक से बाहर नहीं जायेगा और ये सैनिक युद्ध में भाग लेने के बजाये इराकी सैनिकों को सैन्य प्रशिक्षण देंगे।
इस बारे में महत्वपूर्ण बिन्दु यह है कि इराकी लोग अपने देश से अमेरिकी सैनिकों के निष्कासन के इच्छुक हैं और शुक्रवार से इराकी लोग राजधानी बगदाद के ग्रीन ज़ोन में स्थिति अमेरिकी दूतावास के निकट जमा होना आरंभ हो गये हैं और उन्होंने अमेरिकी दूतावास के REPLICA में आग लगा दी जो उनके क्रोध का सूचक है।
इस बारे में महत्वपूर्ण बात यह है कि इराक़ी लोग अपने देश से अमरीकी सैनिकों की वापसी चाहते हैं। बग़दाद के ग्रीन ज़ोन में इराक़ियों की उपस्थिति इसी बात की पुष्ट करती है जिसमें इराकि़यों ने अपने देश में अमरकी सैनिकों की उपस्थिति का विरोध किया। इसी प्रकार से इराक़ी सूत्रों ने बताया है कि ज़ीक़ार प्रांत में स्थित "अस्सबा" नाम आयल फील्ड के निकट अमरीकी सैनिक कारवां पर राकेट से हमला किया गया है।
दूसरी ओर इराक़ में अपनी अवैध उपस्थिति की गंभीरता को समझते हुए अमरीकी सैनिकों ने बग़दाद में इस देश के दूतावास के भीतर मिसाइल सिस्टम लगाया है। इसी के साथ अमरीकी दूतावास के बाहर सुरक्षा बलों की संख्या को अधिक बढ़ाया गया है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इराक़ में नई सरकार के गठन के साथ ही इस देश की जनता द्वारा नई सरकार से अपने देश से अमरीकी सैनिकों के निष्कासन की मांग तेज़ हो जाएगी। इसीलिए यह संभावना पाई जाती है कि अपनी मौजूदगी का औचित्य दर्शाने के लक्ष्य से अमरीकी, आतंकवादी गुटों विशेषकर दाइश को इराक़ में फिर से सक्रिय करेंगे।
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