मस्जिदुल अक़सा के मुफ़्ती का बयान, आज़ाद होकर रहेगा बैतुल मुक़द्दस




मस्जिदुल अक़सा के इमाम का कहना है कि बैतुल मुक़द्दस आज़ाद होगा और फ़िलिस्तीनी जनता अलर्ट है।

फ़िलिस्तीन की सफ़ा न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार मस्जिदुल अक़सा के इमाम अकरमा सब्री ने अपने एक बयान में कहा कि ओसलो समझौता वास्तव में बैतुल मुक़द्दस को वेस्ट बैंक से अलग करने के लिए था, इसलिए इस समझौते से पहले फ़िलिस्तीनी जनता वेस्ट बैंक और ग़ज़्ज़ा से आसानी के साथ मस्जिदुल अक़सा आ सकते थी किन्तु इस समझौते के बाद रास्ते बंद हो गये।

उन्होंने कहा कि बैतुल मुक़द्दस को निशाना बनाने का मक़सद फ़िलिस्तीन के साथ इस्लामी जगत के संपर्क को तोड़ना था इसीलिए बैतुल मुक़द्दस और मस्जिदुल अक़सा का अस्तित्व, मुसलमानों की फ़िलिस्तीनियों के साथ संपर्क का कारण है।

मस्जिदुल अक़सा के इमाम ने कहा कि मस्जिदुल अक़सा, इस्लामी और फ़िलिस्तीनी पहचान की वजह से हमेशा इस्राईल के हमलों के निशाने पर रहा है इसीलिए इस्राईल इस पहचान को ख़त्म करना चाहता था।

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