भारत को संवैधानिक रूप में हिंदु राष्ट्र घोषित किया जाएः संतों की मांग
प्रयागराज में आयोजित होने वाली धर्म संसद में संतों ने मांग की है कि भारत को संवैधानिक रूप में हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाए।
प्रयागराज में आयोजित होने वाली इस धर्म संसद में कहा गया है कि सभी लोग आज से ही "हिंदू राष्ट्र भारत" लिखने लगें।
संचार माध्यमों के अनुसार इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती ने भारत के हिंदुओं को संबोधित करते हुए कहा है कि सरकार माने या न माने किंतु हम लोग अभी से "हिंदु राष्ट्र भारत" लिखना आरंभ कर दें। उन्होंने कहा कि अंत में सरकार को संतों और आम लोगों के दबाव में आकर झुकना पड़ेगा।
संतों द्वारा भारत में मुसलमानों के अल्पसंख्यक दर्जे को समाप्त करने की भी मांग की गई। इस संसद में पारित प्रस्ताव में धर्मांतरण करवाने पर फासी की सज़ा का प्रावधान है।
संतों ने सरकार से यह मांग की है कि स्वामी नरसिम्हानंद गिरि और जीतेन्द्र त्यागी जी को तत्काल स्वतंत्र किया जाए। कार्यक्रम में आनंद स्वरूप ने यह भी कहा है कि इन दोनों को अगर एक सप्ताह के भीतर स्वतंत्र नहीं किया गया तो फिर भगत सिंह के असेंब्ली कांड जैसा ही कुछ हो सकता है।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया है कि हिंदुओं का सम्मान न करने वालों को पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाना चाहिए। इसमें मौजूद एक संत ने कहा कि हिंदुओं को अपनी जनसंख्या बढ़ाने के लिए कम से कम पांच बच्चे पैदा करने चाहिए।
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