भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति का बड़ा बयान, कहा देश में असहनशीलता और असुरक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है


भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। हामिद अंसारी ने 26 जनवरी को भारतीय अमेरिकी मुस्लिम काउंसिल के एक वर्चुअल कार्यक्रम में बोलते हुए चुनावी बहुमत को परोक्ष रूप से धार्मिक बहुमत और राजनीतिक एकाधिकार से हासिल हुआ बहुमत बताया। उन्होंने कहा कि देश में असहिष्णुता, अशांति और असुरक्षा बढ़ी है।

हामिद अंसारी  का कहना था कि भारत में क़रीब 20 प्रतिशत लोग धार्मिक अल्संख्यक हैं, हालिया वर्षों में  अलग तरह की प्रवृतियाँ और व्यवहार देखने में आया है जो नागरिक राष्ट्रवाद के पहले से स्थापित सिद्धांत पर विवाद करते हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एक नए और काल्पनिक सिद्धांत को जोड़ते हैं।

पूर्व उप राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक धार्मिक बहुमत और एकाधिकार वाली राजनीतिक शक्ति की आड़ में चुनावी बहुमत पेश करना चाहता है, यह नागरिकों को उनके विश्वास के आधार पर अलग करना चाहता है, असहिष्णुता, अशांति और असुरक्षा को बढ़ावा देना चाहते हैं।

हामिद अंसारी ने कहा कि हाल में हुईं इसकी कुछ अभिव्यक्तियां डराने वाली हैं और क़ानून के शासन के दावे को कमजोर करती हैं, ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब देना होगा, इन प्रवृतियों से क़ानूनी रूप से और राजनीतिक रूप से लड़ने की ज़रूरत है।

हामिद अंसारी के बयान पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी की आलोचना करने का पागलपन अब भारत की आलोचना करने की साजिश में बदल गया है, जो लोग अल्‍पसंख्‍यकों के वोट का शोषण करते थे, वे अब देश के सकारात्‍मक माहौल से परेशान हैं।

जदयू नेता अजय आलोक ने ट्वीट किया कि मियां हामिद अंसारी जी का वक्तव्य शर्मनाक है।

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