यूक्रेन पर रूस के हमले की ख़बर क्या अमरीका का प्रोपैगंडा है?


सोमवार को अमरीका के आहवान पर यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें रूस और अमरीका के बीच खुलकर टकराव देखने में आया और रूसी और चीनी प्रतिनिधियों ने युद्ध भड़काने वाली अमरीका की नीतियों की जमकर आलोचना की।

इस बैठक में अमरीका द्वारा यूक्रेन पर रूस के हमले की संभावना जताए जाने की चीनी और रूसी राजनयिकों ने कड़ी निंदा की और कहा कि वाशिंगटन ने अभी तक यूक्रेन पर रूस के हमले की योजना के अपने दावे के लिए कोई भी दस्तावेज़ पेश नहीं किया है और युद्ध भड़कने वाले बयान, ख़याली पुलास से ज़्यादा कुछ नहीं हैं।   

रूस ने बड़ी संख्या में यूक्रेन की सीमा पर अपने सैनिक तैनात कर रखे हैं, इसलिए अमरीका और पश्चिमी देश ऐसा प्रोपैगंडा कर रहे हैं कि रूस, यूक्रेन पर हमला कर सकता है। इस बात को अधिक गंभीर रूप से पेश करने के लिए वाशिंगटन और लंदन ने मास्को के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी भी दी है।

अमरीका ने सुरक्षा परिषद की बैठक के आयोजन के लिए यूक्रेन की सीमा पर रूस द्वारा बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात करना बताया था। व्हाइट हाउस का दावा है कि यूक्रेन की सीमा पर इतनी बड़ी संख्या में रूसी सैनिकों की तैनाती, अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता के लिए ख़तरा है।

बैठक में अमरीकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफ़ील्ड ने कहा कि जिस तरह से रूस ने यूक्रेन की सीमा पर अपने सैनिकों को तैनात कर रखा है, वह यूरोप में अपने तरह की सबसे बड़ी तैनाती है। दशकों बाद ऐसा देखा गया है।

इस पर उनके रूसी समकक्ष ने अमरीका पर उन्माद फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमरीका रूस के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है, जिसे किसी भी क़ीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

इस बीच, अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अगर रूस कूटनीति से दूरी बनाने और यूक्रेन पर हमला करने का फ़ैसला लेता है तो इसके लिए उसकी जवाबदेही तय की जाएगी और उसे इसके कड़े परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के ख़िलाफ़ युद्ध भड़काने के आरोपों और दुष्प्रचार से अमरीका का उद्देश्य, रूस के वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाना है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी का कहना हैः अमरीका, पुतिन के इर्दगिर्द के लोगों पर प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है, इनमें से कुछ लोगों का संबंध पश्चिम के वित्तीय नेटवर्क से बहुत गहरा है। विभिन्न रास्तों से रूस को नुक़सान पहुंचाने और उसके हितों पर चोट करने के मार्ग में हमारी यह एक छोटी सी कोशिश होगी।

साकी के इस बयान से साफ़ ज़ाहिर है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के दुष्प्रचार से वाशिंगटन की नीयत क्या है।

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