राष्ट्रपति रईसी ने दी राष्ट्रपिता की मज़ार पर हाज़िरी




राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी अपने मंत्रीमण्डल के साथ देश के राष्ट्रपिता की मज़ार पर उपस्थित हुए।

इस्लामी क्रांति की 43वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति इब्राहमी रईसी ने पूरे मंत्रीमण्डल के साथ स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के मज़ार पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।  उन्होंने इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम खु़मैनी के मज़ार पर फूल चढाएं और फातेहा ख़ानी की।

43 साल पूर्व पहली फरवरी 1979 को स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी कई वर्षों के निष्कासन के बाद स्वदेश वापस आए थे जिसका जनता ने हार्दिक स्वागत किया था।  इमाम ख़ुमैनी के ईरान में प्रवेश के दसवें दिन अर्थात 11 फरवरी 1979 को इस्लामी क्रांति सफल हुई थी।

इस बात के दृष्टिगत ईरान में पहली फरवरी से लेकर ग्यारह फरवरी के बीच के दिनों को स्वतंत्रता प्रभात के नाम से जाना जाता है।  इस दस दिनों के दौरान पूरे ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

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