बिहार में मुस्लिम युवक की मॉब लिंचिंग, लाश को जलाकर ज़मीन में गाड़ दिया और वीडियो वायरल कर दिया
बिहार के समस्तीपुर ज़िले में हाल ही में एक मुस्लिम युवक की बड़ी ही बेरहमी से मॉब लिंचिंग कर दी गई और हत्या के बाद इस क्रूरता का वीडियो वायरल कर दिया गया।
वायरल वीडियो में कुछ लोग युवक से सवाल करते, गाली देते हुए और उसे बेदर्दी से पीटते हुए देखे जा सकते हैं।
युवक की पहचान 32 वर्षीय मोहम्मद ख़लील आलम के रूप में हुई है, जो सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता थे।
घटना के संबंध में मृतक के बड़े भाई का कहना है कि बुधवार 16 फ़रवरी को मेरा भाई किसी काम से सुबह घर से निकला था। शाम को उसकी पत्नी ने उसे फ़ोन पर सब्ज़ी और दूध लेते हुए घर आने को कहा तब उधर से किसी और ने जवाब दिया कि अब यह घर कभी नहीं लौटेगा।
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ, जिसे पूर्व योजना के अनुसार बनाया गया और फिर वायरल किया गया।
वीडियो में मोहम्मद ख़लील आलम को हाथ जोड़कर कहते हुए सुना जा सकता है कि ग़लती हो गई और अब नहीं (गोश्त) खायेंगे।
वीडियो में हत्यारे पूछे रहे हैं कि क्या क़ुरान में लिखा है कि गाय का मांस खाना ज़रूरी है? आलम कहते हैं कि नहीं ऐसा नहीं लिखा है।
हत्यारे गाली देते हुए, गोमाता के अलावा और कुछ खाने को नहीं मिलता है। खाने के लिए मुर्ग़ा है ख़स्सी है। वह क्यों नहीं खाते हो।
हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला रुपय के लेनदेन से जुड़ा है।
एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि मोबाइल के लोकेशन के आधार पर पुलिस ने पहले एक आरोपी को पकड़ा, और आरोपी के बयान पर शुक्रवार 18 फ़रवरी की शाम को पुलिस टीम ने मृतक की अधजली लाश को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है, जिसे जलाकर ज़मीन में गाड़ दिया गया था।
गिरफ़्तार लोगों में से एक का नाम किशन झा है। किशन झा पैसे के लेन-देन के कारण हत्या के दावे को ख़ारिज करते हैं।
बुधवार को एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है जिसमें किशन झा को हिंदुत्व और अखंड भारत का ज़िक्र करते हुए सुना जा सकता है।
उसी वीडियो में किशन झा यह भी कहते दिखते हैं कि यह मामला पैसे से जुड़ा नहीं था बल्कि एक एनजीओ से संबंधित है।
उनके अनुसार वीडियो बनाने का मक़सद जनता को जागरूक करना था।
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