नेटो के साथ सहयोग से हमें 100 अरब डाॅलर का नुक़सान उठाना पड़ाः इमरान ख़ान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बताया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान नेटो के साथ सहयोग से हमें हर हिसाब से घाटा ही हुआ है।
इमरान ख़ान ने यह बात नेटो की ओर से पाकिस्तान को भेजे गए पत्र में प्रतिक्रिया स्वरूप कही है।
नेटो के सदस्य देशों के राजदूतों ने इस्लामाबाद को पत्र भेजकर पाकिस्तान से यूक्रेन हमले की निंदा करने की मांग की है। इसपर अपनी प्रतिक्रिया में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि नेटो के साथ विगत में सहयोग से इस्लामाबाद नुक़साान ही देखना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान युद्ध में नेटो के साथ सहयोग करने से पाकिस्तान को 100 अरब से अधिक का आर्थिक नुक़सान हुआ और 80 हज़ार पाकिस्तानी मारे गए।
नेटो की ओर से भेजे गए पत्र के संदर्भ में इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान युद्ध में नेटो का समर्थन करने से इस्लामाबाद को हर हिसाब से क्षति हुई, ऐसे में पाकिस्तान का आभार व्यक्त करने के स्थान पर नेटो ने अफ़ग़ानिस्तान में अपनी विफलता का कारक पाकिस्तान को ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि अब आप लोग चाहते हैं कि हम आंखें बंद करके आपकी मांगों को मान जाएं।
इमारान ख़ान ने कहा कि नेटो के राजदूत भारत को कोई पत्र क्यों नहीं लिखते जो, उनके कथनानुसार, खुलकर मानवाधिकारों का हनन कर रहा है। उन्होंने कहा कि नेटो को जान लेना चाहिए कि पाकिस्तान उनका ग़ुलाम नहीं है।
याद रहे कि पाकिस्तान की ओर से यूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर बल दिये जाने और संयुक्त राष्ट्रसंघ में रूस के विरुद्ध प्रस्ताव में भाग न लेने के बाद नेटो के राजदूतों ने एक संयुक्त पत्र भेजकर इस्लामबाद से यूक्रेन पर हमले की निंदा की मांग की है।
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