पेशावर बम धमाके में हुआ नया ख़ुलासा, आतंकी हुआ बेनक़ाब
पाकिस्तान के ख़ैबर पख़तूनख़ा प्रांत के केन्द्रीय नगर पेशावर की एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती धमाके की हो रही जांच में महत्वपूर्ण प्रगति का दावा किया गया है।
पाकिस्तानी मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि पेशावर बम धमाके के संबंध में, कि जिसमें 63 नमाज़ी शहीद हुए थे, एक बहुत ही महत्वपूर्ण सुराग़ हाथ लगा है। पाकिस्तान की पुलिस ने दावा किय है कि पेशावर की मस्जिद में हुए आत्मघाती धमाका करने वाले आतंकी की मदद करने वाले एक अन्य आतंकी की पहचान कर ली गई है। आत्मघाती हमलावर की मदद करने वाले आतंकी से संबंधित जानकारियां और उसकी फोटो भी पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के हाथों लग गई है। कथित आतंकी का संबंध जमरूद ख़ैबर एजेंसी से बताया जा रहा है जबकि आत्घाती हमलावर की पहचान अब्दुल्लाह के रूप की गई है। इससे पहले कई अन्य विदेशी समाचार सूत्रों ने बताया था कि आत्मघाती हमलावर का नाम हबीबुल्लाह अलकाबुली था और उसका संबंध तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश से था। इस बीच पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि वह आतंकी गुट के पूरे नेटवर्क को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 4 मार्च 2022 शुक्रवार को पाकिस्तान के ख़ैबर पख़तूनख़ा प्रांत के केन्द्रीय नगर पेशावर के कूचे रेसालदार क्षेत्र में स्थित शिया मुसलमानों की मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान एक आतंकवादी हमला किया गया था। इस आतंकवादी हमले में 63 नमाज़ी शहीद हो गए और 190 अन्य घायल हुए थे। पेशावर में हुई इस हृदयविदारक घटना के ख़िलाफ़ पाकिस्तान और दुनिया के अन्य देशों में लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और आम जनता में आक्रोश देखा जा रहा है। पाकिस्तान के पड़ोसी देश भारत के कई शहरों में पेशावर में हुई आतंकी घटना पर जमकर विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया युवाओं के सबसे बड़े संगठन हुसैनी टाइगर्स ने आतंकवाद के विरुद्ध जमकर नारे लगाए और आतंकवाद के पुतले और पाकिस्तान के झंड़े को भी आग के हवाले किया। रविवार को पूरे पाकिस्तान में भी पेशावर की घटना को लेकर व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हुए। लाखों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतर कर आतंकी गुटों और उनके समर्थकों के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की और इमरान ख़ान सरकार से आम लोगों को सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की।
संयुक्त राष्ट्रसंघ ने पेशावर में होने वाली आतंकवादी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान के पेशावर नगर में शुक्रवार को होने वाली घटना की निंदा करते हुए आतंकवाद को विश्व शांति के लिए ख़तरा बताया।
सुरक्षा परिषद की ओर से जारी बयान में इस हमले को कायरतापूर्ण कार्यवाही कहा गया है। राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने मृतकों के परिजनों और पाकिस्तान की सरकार के साथ सहानुभूमि प्रकट करते हुए घायलों के यथाशीघ्र ठीक होने की कामना की है।
इस परिषद के अनुसार घटना के दोषियों, इसको सुनियोजित करने वालों और इनका वित्तीय समर्थन करने वालों को न्यायालय के हवाले किया जाए ताकि उनको दंडित किया जा सके।
याद रहे कि शुक्रवार को पाकिस्तान के ख़ैबर पख़तूनख़ा प्रांत के केन्द्रीय नगर पेशावर में इमामिया मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान एक आत्मघाती कार्यवाही की गई। इस आतंकी कार्यवाही में 62 से अधिक लोग मारे गए थे जबकि इस घटना में 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
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