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मानवाधिकार संगठन ने सऊदी अरब से यमनी कर्मचारियों की छंटनी बंद करने और उनके निर्वासन को रोकने का आह्वान किया

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ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार को सऊदी अरब से यमनी कर्मचारियों की छंटनी बंद करने का आह्वान किया , जो उन्हें अपने देश लौटने के लिए मजबूर कर सकता है , जो संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया में सबसे खराब मानवीय संकट देख रहा है। 2014 से , यमन में अंसारुल्लाह आंदोलन और सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के बीच एक सशस्त्र संघर्ष छिड़ा हुआ है। संघर्ष ने लाखों लोगों को विस्थापित किया है और एक पूरा देश अकाल की कगार पर खड़ा है। अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि पिछले जुलाई से , सऊदी अधिकारियों ने "यमनी कर्मचारियों के अनुबंधों को समाप्त करना या उनका नवीनीकरण नहीं करना शुरू कर दिया है , जो उन्हें यमन में मानवीय संकट में लौटने के लिए मजबूर कर सकता है।" उसने सऊदी अधिकारियों से "इस फैसले को निलंबित करने और यमनियों को काम करने की क्षमता के साथ सऊदी अरब में रहने की अनुमति देने" का आह्वान किया। ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया कि सऊदी मीडिया ने जुलाई में रिपोर्ट किया था कि मानव संसाधन मंत्रालय के किवा प्लेटफॉर्म ने "नए नियमों के बारे में एक बयान जार...

बहुत जल्द लोक लुभावन बहाने के साथ अमरीका अपने परमाणु हथियारों को स्पेस में तैनात करेगा

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रूस की अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख दिमित्री रागोज़िन ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका संभवत: विभिन्न बहाने के तहत जल्द ही अंतरिक्ष में परमाणु हथियार लॉन्च करेगा। निश्चित रूप से, अंतरिक्ष में परमाणु हथियारों की तैनाती दुश्मन पर हमले के बहाने से नहीं होगी, बल्कि वह इसके लिए आकर्षक बहाने का उपयोग करेगे जैसे कि मार्स के वातावरण को ज़मीन जैसा बनाना (जिसको टेराफॉर्मिंग कहा जाता है), जो एलोन मस्क के विचारों में से एक है,  या फिर वह अलकापिंडो के खतरों के दूर करने के बहाने से परमाणु हथियारों को अंतरिक्ष में लॉन्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा: "अंतरिक्ष में किसी भी परमाणु हथियार को तैनात करना अपराध माना जाएगा।" इसलिए, हम आश्वस्त करते हैं कि रूस अंतरिक्ष से किसी भी संभावित हमले के कड़ा जवाब देगा।

अफगान शरणार्थियों के लेकर अमरीका आदेश का पालन कर रहे हैं बिन सलमान

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अमरीका ने सऊदी अरब को आदेश दिया है कि वह इस देश में पहुँचने वाले अफगान शरणार्थियों के रहने का प्रबंधन करें, और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अमरीका के इस आदेश का पालन कर रहे हैं।  इन शरणार्थियों के लिए फिलहाल मिना टावर्स समेत कुछ खास इमारतों को तैयार किया जा रहा है। हालांकि बिन सलमान ने अमेरिका से मांग की है कि सऊदी अरब को अफगान शरणार्थियों को स्वीकार करने वाले देश की लिस्ट में न रखा जाए। अमरीका ने उनकी मांग स्वीकार कर ली है।

काबुल ड्रोन हमले में बच्चे और आम लोग कैसे मरे? जाँच कर रहा है अमेरिका

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अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए लोगों के परिवार के एक सदस्य ने बीबीसी को बताया है कि हमले में छह बच्चों सहित उनके परिवार के 10 सदस्यों की मौत हो हुई है. इन सभी लोगों की जान रविवार को उनके घर में खड़ी एक कार में हुए विस्फोट के कारण गई है. अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने इस्लामिक स्टेट समूह की अफ़ग़ानिस्तान शाखा से जुड़े कम से कम एक व्यक्ति को ले जा रही एक कार को निशाना बनाया गया था. अमेरिका ने ये भी कहा था कि ड्रोन हमले की वजह आसपास के लोग प्रभावित हुए होंगे. बीबीसी को पता चला है कि मारे गए लोगों में से कुछ ने पहले अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए काम किया था और उनके पास अमेरिकी वीज़ा भी था. मारे जाने वाली सबसे छोटी बच्ची सुमाया की उम्र महज़ दो साल थी और सबसे बड़े बच्चे फ़रज़ाद की उम्र सिर्फ़ 12 साल थी. मरने वालों के एक रिश्तेदार रामिन यूसुफी ने कहा, "यह ग़लत है, यह एक क्रूर हमला है और यह ग़लत जानकारी के आधार पर हुआ है." एक अन्य रिश्तेदार एमाल अहमदी ने बीबीसी को बताया कि हमले में उनकी दो साल की बेटी की मौत हो हुई है. अहमदी ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने अमेरिका जाने...

योगी आदित्यनाथ पहुंचे फ़िरोजाबाद

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  स्थिति की जानकारी लेने सोमवार को फ़िरोज़ाबाद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल एजूकेशन और सर्विलांस टीम से तत्काल चांज कराई जाए ताकि पता चले कि यह बीमारी डेंगू है या फिर कुछ और. फ़िरोज़ाबाद में मेडिकल कॉलेज के बाद मुख्यमंत्री योगी सुदामा नगर भी गए जहां सबसे ज़्यादा इस बीमारी से पीड़ित लोग हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा, "निर्देश दिए गए हैं कि सभी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों पर वायरल बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों की दवा उपलब्ध होनी चाहिए. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सफ़ाई, सैनिटाइज़ेशन और फ़ॉगिंग का काम सक्रियता से किया जाए और जलभराव को रोकने के लिए व्यापक व्यवस्था की जाए." डॉक्टरों का कहना है कि बुखार से पीड़ित लोगों में डेंगू, मलेरिया के अलावा जापानी इंसेफ़ेलाइटिस जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं. वहीं, फ़िरोज़ाबाद के ज़िलाधिकारी चंद्र विजय सिंह इन अफ़वाहों को ख़ारिज किया है कि बच्चों की मौतों की वजह कोरोना की तीसरी लहर है. प्रशासन का दावा है कि बच्चों समेत अब तक जिन लोगों की भी मौत हुई है, उनमें कोई भी को...

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मौतों ने क्यों बढ़ाई योगी आदित्यनाथ सरकार की चिंता?

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क़रीब छह ज़िलों में वायरल बुख़ार ने पिछले क़रीब एक हफ़्ते से क़हर बरपाना शुरू कर दिया है. फ़िरोज़ाबाद के अलावा मथुरा, कासगंज, आगरा, एटा और मैनपुरी में अब तक बुख़ार से क़रीब 50 लोगों की मौतें हो चुकी हैं जिनमें ज़्यादातर बच्चे हैं. सबसे ज़्यादा 40 लोगों की मौत फ़िरोज़ाबाद में हुई है. फ़िरोज़ाबाद में मरने वालों में 32 बच्चे शामिल हैं. इन सभी मामलों में तेज़ बुखार के साथ प्लेटलेट्स की संख्या में अचानक गिरावट के लक्षण देखे जा रहे हैं. फ़िरोज़ाबाद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी नीता कुलश्रेष्ठ ने बीबीसी को बताया, "हमने मेडिकल कॉलेज और ज़िला अस्पताल में व्यवस्था कर रखी है. मरीज़ों की संख्या काफ़ी ज़्यादा है और बहुत ही जल्दी इस बीमारी में मौत हो रही है, ख़ासकर बच्चों की. जिन इलाक़ों में ज़्यादा मामले आ रहे हैं वहां कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. ज़रूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में शिफ़्ट कर रहे हैं." डॉक्टर नीता कुलश्रेष्ठ ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं, लेकिन वायरस को ख़त्म होने में कम से कम दो हफ़्ते का समय लग रहा है जबकि सामा...

राजकुमारी डायना की ज़िंदगी का आख़िरी दिनः विवेचना

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राजकुमारी डायना ने अपना आख़िरी दिन अपने पार्टनर डोडी अल फ़ायद की नौका के ऊपरी डेक में बिताया. नाश्ते में उन्होंने ताज़े जैम के साथ एक एक क्रोएसाँ खाया. साथ में डायना ने दूध वाली कॉफ़ी ली जबकि डोडी ने काली कॉफ़ी का मग लिया. उस दिन साढ़े ग्यारह बजे दोनों ने नौका छोड़ दी ताकि वो डोडी के निजी विमान से पेरिस पहुंच सकें. उनके साथ डोडी का बटलर और उनका मालिश करने वाला भी गया क्योंकि डोडी की पीठ में उस दिन काफ़ी दर्द था. उस दिन डोडी के केलेंडर में सिर्फ़ एक एंट्री थी. उन्हें शाम साढ़े छह बजे पेरिस में अपने पिता के होटल रिट्ज़ के नज़दीक एक ज्वेलर के पास से एक अंगूठी लेनी थी. जैसे ही वो नीचे उतरे कैमरा वालों ने उनकी तस्वीरें लेनी शुरू कर दीं. शाम को वो दोनों रिट्ज़ होटल पहुंचे. डायना अपने बाल संवरवाने होटल के सैलून में चली गईं और डोडी अपने ज्वेलर से मिलने चले गए. मशहूर पत्रकार क्रिस्टोफ़र एंडरसन अपनी किताब 'द डे डायना डाइड' में लिखते हैं, "पहले वो दोनों पेरिस के रेस्तराँ 'शे बेनॉय' गए लेकिन जब वहाँ उन्होंने फोटोग्राफ़रों की भीड़ देखी तो वो लौट कर 'रिट्ज़' के डाइनिंग र...

जब मुग़ल बादशाह जहाँगीर का हुआ था अपहरण

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27 साल की उम्र तक अकबर के जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी थी कि उनके कोई बेटा नहीं था. 1564 में ज़रूर उनके दो जुड़वां बेटे पैदा हुए थे हसन और हुसैन, लेकिन वो सिर्फ़ एक महीने तक ही जीवित रह पाए थे. अकबर ने अपने प्रिय संत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर मन्नत मांगी कि अगर आप मुझे एक बेटा दे दें तो मैं आगरा से अजमेर पैदल चल कर आपकी दरगाह पर सिर झुकाउंगा. आख़िर ईश्वर ने उनकी सुन ली और उनके दरबारियों ने उन्हें ख़बर दी कि आगरा के पास ही एक पहाड़ी पर मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य और पीर सलीम चिश्ती रहते हैं, जो आपकी मुराद पूरी कर सकते हैं. जहाँगीर पर एक किताब 'एन इंटिमेट पोर्ट्रेट ऑफ़ अ ग्रेट मुग़ल जहाँगीर' लिखने वाली पार्वती शर्मा बताती हैं, "दुनिया में कोई ऐसी चीज़ नहीं थी जो अकबर के पास नहीं थी. बस उनके औलाद नहीं थी. वो इस आस में सलीम चिश्ती के पास जाने लगे. एक दिन अकबर ने सीधे उनसे पूछ ही लिया, मेरे कितने बेटे पैदा होंगे? उन्होंने जवाब दिया, ख़ुदा तुमको तीन बेटे देगा. ऐसा ही हुआ. लेकिन चिश्ती के आशीर्वाद से पैदा हुए सलीम बाद में उनकी मृत्यु का कारण भी बने." वो लिखती हैं, ...

एयरपोर्ट में तालेबान ने घुसकर ब्लैक हॉक हेलीकाप्टर उड़ाकर अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी..

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सोमवार की रात जैसे ही अमरीकी सेना का आख़िरी विमान काबुल एयरपोर्ट से निकला तालेबान के नेता धड़धड़ाते हुए काबुल एयरपोर्ट के अंदर घुस गये और उस समय उनकी ख़ुशी देखने लाएक़ थी। जहां तालेबान के सदस्य हवाई फ़ायरिंग और पटाख़े फोड़कर ख़ुशिया मना रहे थे वहीं तालेबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने रनवे से लोगों संदेश दिया कि अब अफ़ग़ानिस्तान पूरी तरह से आज़ाद हो गया। इन सबके बीच एक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और वह वीडियो थी हेलीकाप्टर से लटके एक तालेबानी की। सोशल मीडिया पर जारी होने वाले एक वीडियो में देखा जा सकता है कि तालेबान का एक सदस्य उड़ते हुए हेलीकाप्टर पर लटका हुआ है। बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह तालेबान ने अफ़ग़ान सेना के ब्लैक हॉक हेलीकाप्टर को उड़ाकर अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी।

अमरीका का आख़िरी जहाज़ अफ़ग़ानिस्तान से निकल गया, 20 साल की सैन्य उपस्थिति हुई ख़त्म

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अमरीकी राष्ट्रपति ने अफ़ग़ानिस्तान में अपने देश की 20 वर्षीय उपस्थिति को ख़त्म करने का एलान कर दिया।  अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने काबुल से आख़िरी अमरीकी विमान के निकलने के बाद एक बयान में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में हमारी 20 वर्षीय उपस्थिति ख़त्म हो गयी। पश्चिमी एशिया में अमरीका की आतंकवादी सेना सेन्टकाम के कामन्डर कैन्थ मैक्केन्ज़ी ने कुछ घंटे पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि अमरीका के आख़िरी सी-17 विमान ने काबुल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी और अफ़ग़ानिस्तान से सैनिकों के निष्कासन की प्रक्रिया पूरी हो गयी। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी अफ़ग़ान जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान से सैनिकों  निकालने की वजह अमरीकी सेन्ट्रल कमान्ड के प्रमुख और कमान्डरों की सलाह थी। उन्होंने कहा कि कमान्डरों का ख़याल था कि सैनिकों को निकाल कर ही हम अच्छी तरीक़े से अपने सैनिकों की जानें बचा सकते हैं और अफ़ग़ानिस्तान से सुरक्षित निकल सकते हैं। 

अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों के बाहर निकलने की डेडलाइन ख़त्म होने से पहले काबुल एयरपोर्ट पर रॉकेटों की बारिश

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अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों के बाहर निकलने की डेडलाइन ख़त्म होने से एक दिन पहले काबुल एयरपोर्ट पर कई रॉकेट दाग़े गए हैं। व्हाइट हाउस ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि एयरपोर्ट पर लोगों को बाहर निकालने का ऑप्रेशन प्रभावित नहीं हुआ है। आवा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, सोमवार की सुबह एक वाहन से इन रॉकेटों को फ़ायर किया गया था। अमरीकी सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि फ़ायर किए गए रॉकेटों को वायु सुरक्षा प्रणाली द्वारा हवा में ही मार गिराया गया है। हालांकि एक अमरीकी अधिकारी ने नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि सभी रॉकेटों के हवा में नष्ट होने के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है।  एक रॉकेट एयरपोर्ट के अंदर आकर गिरा है। फ़िलहाल इस हमले में किसी जानी या माली नुक़सान की कोई ख़बर नहीं है। रविवार को काबुल में अमरीकी ड्रेन के हमले में कई बच्चों समेत एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई थी, हालांकि अमरीका ने दावा किया था कि काबुल एयरपोर्ट धमाके के मास्टर माइंड को इस हमले में ढेर कर दिया गया है। गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती बम धमाके में 13 अमरीकी सैन...

अमरीकी साम्राज्य अब बूढ़ा हो गया है और उसकी हड्डियां चरमरा रही हैं, इस्राईली अख़बार

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इस्राईली अख़बार यरूशलम पोस्ट का कहना है कि विश्व का नेतृत्व कभी भी अमरीका के हाथों में नहीं होना चाहिए था और अफ़ग़ानिस्तान में मिली हार अमरीकी साम्राज्य का अंतिम युद्ध होना चाहिए। यरूशलम पोस्ट में प्रकाशित हुए एक लेख में आमूत्स आसायल ने अफ़ग़ानिस्तान से अमरीका और उसके सहयोगियों के भाग खड़े होने की समीक्षा करते हुए लिखाः इस हार से पता चलता है कि दुनिया पर अमरीकी वर्चस्व अपने आख़िरी चरण में है। अमरीकी साम्राज्य अपने इतिहास के सबसे मंहगे, विरोधाभासी और महत्वाकांक्षी दौर से गुज़र रहा है, यह दौर 120 साल पहले हवाई और फ़िलीपींस पर क़ब्ज़े से शुरू हुआ था, लेकिन अब यह बूढ़ा हो चुका है और इसकी हड्डियां चरमरा गई हैं। अमरीका का सैन्य बजट 770 अरब डॉलर से ज़्यादा है, जबकि देश में बेरोज़गारी, ग़रीबी और भुखमरी फैल रही है। यरूशलम पोस्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनज़र अब अमरीका को सिर्फ़ एक काम करना है और वह ही पीछे हटना।

हरियाणा, किसानों पर लाठी चार्ज का मुख्यमंत्री ने किया बचाव, विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया

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 हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने करनाल में प्रदर्शनकारी किसानों के ऊपर की गई पुलिस की कार्यवाही का बचाव करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन दिया गया था लेकिन पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया और एक राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया। सोमवार को हुई एक प्रेस वार्ता में खट्टर ने कहा कि अधिकारी का शब्द चयन सही नहीं था, लेकिन वहां क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख़्ती की ज़रूरत थी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि अगर अधिकारी के ख़हलाफ कोई कर्यवाही करनी है, तो पहले ज़िला प्रशासन द्वारा इसका आकलन करना होगा। डीजीपी भी इसकी जांच कर रहे हैं, क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख़्ती सुनिश्चित करनी पड़ी। किसानों पर हुई पुलिसिया कार्यवाही के बारे में खट्टर ने कहा कि आज आपने मुझे यहां बुलाया है लेकिन, अगर कोई कहता है कि वह सीएम को एक निश्चित जगह तक नहीं पहुंचने देंगे, तो क्या यह सही है? किसानों को यह समझने की ज़रूरत है कि इस तरह के विरोध से उन्हें कुछ हासिल नहीं हो रहा है. लोगों में अब उनके प्रति सहानुभूति नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि बोलने की आज़ादी है लेकिन ह...

सीरियाई राष्ट्रपति ने ईरान का जताया आभार, लेकिन क्यों?

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सीरिया के राष्ट्रपति ने दमिश्क़ का समर्थन करने पर इस्लामी गणतंत्र ईरान का आभार व्यक्त किया है। इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान ने दमिश्क़ में सीरिया के राष्ट्रपति बशार असद से मुलाक़ात की और कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। इस अवसर पर सीरिया के राष्ट्रपति बशार असद ने ईरान की ओर से दमिश्क़ का समर्थन करने पर ईरान की सराहना की और ईरानी राष्ट्र का आभार भी व्यक्त किया। सीरियाई राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक स्थिति पर अपने स्टैंड को स्पष्ट किया। इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान ने इस भेंटवार्ता में इस बात पर बल दिया कि इस संवेदनशील क्षेत्र में विदेशी सैनिकों की उपस्थिति, क्षेत्र में शांति की स्थापना और स्थिरता के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए इस्लामी और क्षेत्रीय देशों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना बहुत महत्वपूर्ण है। ग़ौरतलब है कि ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान बग़दाद सम्मेलन के बाद सीरिया के दौरे पर रविवार को दमिश्क़ पहुंचे हैं। 

आज़रबाइजान और आर्मेनिया एक साल के भीतर दूसरे युद्ध के लिए तैयार

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आर्मेनिया और आज़रबाइजान नागोर्नो-कराबाख़ क्षेत्र पर दावे को लेकर एक बार युद्ध की तैयारी में जुट गए हैं। हाल ही में मास्को में आयोजित हुए आर्मी एक्सपो 2021 के हवाले से आज़रबाइजान की मीडिया में कुछ ऐसी रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं, जिसमें दावा किया गया है कि दोनों देश संभावित युद्ध के मद्देनज़र अपनी अपनी सेनाओं को नए हथियारों से लैस करने में जुट गए हैं। आज़रबाइजान ने मास्को मार्मी एक्सपो 2021 में अपने उप रक्षा मंत्री जनरल उस्मान ओव को भेजा था, हालांकि बाकू हथियारों और रक्षा उपकरणों के लिए काफ़ी हद तक तुर्की और इस्राईल पर निर्भर है। आर्मेनिया की ओर से मास्को आर्मी एक्सपो में रक्षा मंत्री आरशाक कारापतियान ने भाग लिया और इस प्रदर्शनी के इतर रूस के साथ कई रक्षा समझौतों पर दस्तख़त किए। रूस द्वारा आर्मेनिया को नए सिरे से हथियारों से लैस करने पर आज़रबाइजान ने कड़ी आपत्ति जताई है और इस देश के राष्ट्रपति इलहाम अली ओव ने कहा है कि रूस द्वारा आर्मेनिया को हथियारों की आपूर्ति का कोई तर्क नहीं है। दूसरी ओर रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ख़ारोवा ने अली ओव की चिंता को ख़ारिज करते हुए कहा है क...

अमरीका को ऐसी चोट पहुंचाई है, जिसके बाद वह कभी अफ़ग़ानिस्तान का रुख़ नहीं करेगा, तालिबान

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अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद का कहना है कि हमने अमरीका से ऐसा बदला लिया है, जिसे वह कभी नहीं भुला पाएगा। अल-मयादीन टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक़, ज़बीहुल्लाह मुजाहिद का कहना था कि हमने  वाशिंगटन को ऐसा जवाब दिया है, जिसे वह कभी नहीं भुला सकेगा, यही वजह है कि वह फिर कभी अफ़ग़ानिस्तान का रुख़ करने की हिम्मत नहीं करेगा। ग़ौरतलब है कि नाइन इलेवन की घटना के बाद 2001 में अमरीका ने आतंकवाद से लड़ाई के दावे के साथ अफ़ग़ानिस्तान पर सैन्य चढ़ाई कर दी थी और तालिबान की हुकूमत को उखाड़ फेंका था, लेकिन तालिबान लगातार संघर्ष करते रहे, जिसके कारण अमरीका उनसे समझौता करने पर मजबूर हो गया और अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 11 सितम्बर से पहले अमरीकी सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकालने का एलान कर दिया। इसे दुनिया भर में तालिबान के मुक़ाबले में अमरीका की बड़ी हार के तौर पर देखा गया और ख़ुद अमरीका के सहयोगी देशों ने इस तरह से पीठ दिखाकर भागने के लिए बाइडन प्रशासन की आलोचना की। तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद सभी विदेशी सैनिकों को 31 अगस्त तक मुल्ल से निकल जाने का अल्...

काज़मैन रौज़े की ज़ियारत के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रां को ईसाई धर्म के बारे में आयतुल्लाह सीस्तानी की लिखी किताब भी मिली

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संयुक्त सम्मेलन में भाग लेने के लिए इराक़ की अपनी यात्रा के दौरान, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इराक़ी प्रधानमंत्री के साथ पवित्र रौज़े काज़मैन पहुंचकर इमाम मूसा काज़िम (अ) और इमाम मोहम्मद जवाद (अ) की पवित्र ज़रीअ की ज़ियारत की।  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां शनिवार को बग़दाद में आयोजित संयुक्त सम्मेलन में भाग लेने के लिए इराक़ पहुंचे थे। इराक़ के प्रधानमंत्री के कार्यालय ने रविवार, 29 अगस्त की सुबह घोषणा की, कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रां ने इराक़ी प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी के साथ उत्तरी बग़दाद में स्थित काज़मैन क्षेत्र में इमाम मूसा काज़िम (अ) और इमाम मोहम्मद जवाद (अ) के पवित्र रौज़े की ज़ियारत की। इस बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने काज़मैन रौज़े की ज़ियारत के बाद अपने आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट से एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि पिछली रात काज़मैन जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यहां शिया मुसलमानों का एक पवित्र स्थल है, वहां मेरी मुलाक़ात इराक़ के विभिन्न क़बीलों के लोगों से भी हुई। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां ने काज़मैन रौज़े के अधिकारियों से विशेष मुलाक़ात...

फ़िलिस्तीनी कफ़्न बांधकर उतरे मैदान में, घेराबंदी की समाप्ति तक मैदान छोड़कर न जाने की खाई क़सम!

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इस्राईल गाज़ा की घेराबंदी की अपनी योजना को लगातार और सख़्त करता जा रहा है जिसका विरोध करते हुए फ़िलिस्तीनियों ने रातों को पूर्वी ग़ाज़ा की सीमा पर प्रदर्शन शुरु कर दिए हैं। जिसके नतीजे में इस्राईली सैनिकों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं जिसमें आतंकी ज़ायोनी सैनिकों की गोलियों से पांच फ़िलिस्तीनी घायल हो गए हैं।  इस हमले में पत्रकार और मेडिकल टीम भी आंसू गैस का निशाना बनी है। आंसू गैस के गोले ड्रोन से दाग़े गए थे ... फ़िलिस्तीनी प्रदर्शनकारी का कहना है कि फ़िलिस्तीनी जनता और सभी ...

अफ़ग़ानिस्तान के बदलते हालात, नई दिल्ली को अपनी रणनीति पर करना होगा विचार: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अफ़ग़ानिस्तान के बदलते हालात को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा है कि भारत सरकार को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा। प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल हुए भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, अफ़ग़ानिस्तान में बदलते समीकरण हमारे लिए एक चुनौती हैं। इन परिस्थितियों ने हमारे देश को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। हम अपनी रणनीति बदल रहे हैं और क्वाड का गठन इस रणनीति को रेखांकित करता है। इससे पहले शनिवार को भारतीय विदेश मंत्री एस  जयशंकर ने भी अफ़ग़ानिस्तान के ताज़ा हालात पर चर्चा करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को फोन किया था। काबुल हवाई अड्डे पर हुए आतंकी हमले के दो दिन बाद भारतीय और अमेरिकी विदेश मंत्रियों के बीच टेलीफ़ोन पर बातचीत हुई है।  काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमला का ख़तरा अभी भी मंडरा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस संबंध में बड़ा अलर्ट जारी किया है। बाइडन ने कहा है कि काबुल एयरपोर्ट पर एक बार फिर आतंकी हमला हो सकता है। इस बीच, भारत के लिहाज़ से चिंताजनक बात ...

घर में लक्ष्मी के वास के लिए जरूर लगाएं बेल पत्र का पौधा, जानें इसके फायदे

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आइये इस लेख में जानें घर में बेल का पौधा लगाने के महत्त्व के बारे में और इसे किस तरह लगाना शुभ लाभ की प्राप्ति देता है। हिन्दू धर्म के अनुसार कई ऐसे पौधे हैं जिनका पूजा पाठ में विशेष महत्त्व बताया गया है। यही नहीं इन पौधों को घर में एक निश्चित स्थान पर लगाना और इन्हें सही ढंग से स्थापित करने से घर में माता लक्ष्मी का वास भी होता है। ऐसे ही पौधों में से एक है बेल पत्र का पौधा या बिल्व पत्र का पौधा। ऐसी मान्यता है कि जिस घर में ये पौधा होता है उस घर में साक्षात लक्ष्मी जी का वास होता है। यही नहीं इस पत्ते को नियमित रूप से शिव जी को अर्पित करने से भी माता लक्ष्मी भक्तों पर प्रसन्न होती हैं और सभी मनोकामनाओं को पारा करती हैं। यदि आप घर में सुख समृद्धि लाना चाहते हैं और घर को धन धान्य से भरना चाहते हैं तो इस पौधे को घर में जरूर लगाएं। आइए नई दिल्ली के जाने माने पंडित, एस्ट्रोलॉजी, कर्मकांड,पितृदोष और वास्तु विशेषज्ञ प्रशांत मिश्रा जी से जानें घर में बेल पत्र का पौधा लगाना क्यों शुभ माना जाता है। शिव पूजा में बेलपत्र का महत्व भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा में बेलपत्र के प्रयोग क...

आप भी आसानी से खजूर का पेड़ बगीचे में उगा सकती हैं, जानिए कैसे

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कुछ दिनों का इंतजार और बाज़ार से भी बेहतरीन खजूर घर के गार्डन से प्राप्त कर सकती हैं, तो फिर अधिक पैसे खर्च करने की क्या ज़रूरत है।   अच्छा! अगर आपसे यह सवाल किया जाए कि खजूर खरीदने के लिए सबसे पहले आप किस जगह जाती हैं, तो आपका जवाब क्या हो सकता है? संभवत, आप झट से बोले कि बाज़ार से खरीदना होता है। लेकिन, अगर आपसे यह बोला जाए कि गार्डन में ही खजूर का पौधा लगाकर बाज़ार से भी अधिक टेस्टी खजूर उगा सकती हैं, तो फिर आपका जवाब क्या हो सकता है। जी हां, अगर आपको गार्डिंग करने का शौक है, तो कुछ दिनों की मेहनत में आप आसानी से खजूर का पौधा उगा सकती हैं। आज इस लेख में हम आपको गार्डन में खजूर का पौधा उगाने के बारे में बताने जा रहे हैं,  तो आइए जानते हैं। इन चीजों को पड़ेगी ज़रूरत खजूर का बीज खाद गमला मिट्टी पानी बीज कैसा होना चाहिए? किसी भी सब्जी या फल को गार्डन में उगाने के लिए ज़रूरी है कि बीज कैसा है। अगर बीज सही नहीं है, तो आप कितना भी मेहनत कर लीजिए पेड़ कभी भी नहीं उगेगा। इसलिए बीज का सही चुनाव करना बहुत ज़रूरी है। इधर-उधर से बीज खरीदने से अच्छा है कि आप किसी बीज भंडार में भी जाकर बीज ख़र...

लड्डू गोपाल के पंचामृत स्नान का महत्व और तरीका पंडित जी से जानें

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जन्‍माष्‍टमी के दिन लड्डू गोपाल का पंचामृत से विशेष स्नान कैसे करना चाहिए, इस आर्टिकल को पढ़ें और पंडित जी द्वारा बताए गए स्‍टेप्‍स को फॉलो करें।  हर वर्ष भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी मनाई जाती है। आपको बता दें कि भगवान श्री कृष्ण जगतपिता विष्णु के आठवें अवतार थे। बेशक श्री कृष्‍ण का जन्‍म मथुरा में हुआ हो, मगर इस दिन को पर्व की तरह पूरे देश में मनाया जाता है।  इस वर्ष जन्‍माष्‍टमी का त्‍योहार 30 अगस्त के दिन पड़ रहा है। लोगों ने इस त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। जन्‍माष्‍टमी के त्‍योहार पर सबसे ज्‍यादा महत्‍व होता है लड्डू गोपाल के अभिषेक का। वैसे तो जिनके घर में लड्डू गोपाल स्थापित होते हैं, वह नियमित रूप से या हर 15 दिन में एक बार उनका अभिषेक जरूर करते हैं। मगर जन्‍माष्‍टमी पर लड्डू गोपाल का विशेष अभिषेक किया जाता है। इसे पंचामृत स्नान कहते हैं।  इस विषय पर हमने उज्जैन के पंडित मनीष शर्मा जी से बातचीत की और पंचामृत स्नान का महत्व जाना, साथ ही पंडित जी ने हमे यह भी बताया कि आखिर भगवान कृष्ण ने आज ही का दिन जन्म...

ब्रेकिंग- काबुल एयरपोर्ट को निशाना बना दागे गए 5 राकेट

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अभी अभी खबर आई है कि अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर आतंकवादियों ने कम से कम 5 राकेट फायर किए हैं। अफगानिस्तान से विदेशियों को बाहर निकालने के लिए एयरपोर्ट पर रेस्क्यू आप्रेशन चलाया जा रहा है। काबुल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को निशाना बनाकर सोमवार को रॉकेट दागे गए हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि इन्हें अमेरिकी एंटी मिसाइल सिस्टम ने नाकाम कर दिया है. हालांकि, अभी तक किसी जान-माल की हानि की कोई ख़बर नहीं है. काबुल में इसी एयरपोर्ट से अमेरिका लोगों को बाहर निकाल रहा है और उसे मंगलवार 31 दिसबंर को देश छोड़ देना है. सुबह आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी के एयरपोर्ट को निशाना बनाकर पांच रॉकेट दागे गए थे. ये रॉकेट किसने दागे यह अभी तक नहीं पता चल पाया है. ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका के एंटी-मिसाइल सिस्टम ने इन रॉकेटों को नाकाम कर दिया है. बतातें चलें कि अभी दो दिन पहले भी काबुल एयरपोर्ट पर एक धमाका हुआ था जिसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने ली थी। इस धमाके में कई अमरीकी सैनिकों सहित लगभग 200 लोगों की मौत हुई थी। अमरीका काबुल एयरपोर्ट से अपने नागरिकों ...

मुख्तार अंसारी के भाई सिब्ग़तुल्ला अंसारी समाजवादी पार्टी में शामिल

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आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र समाजवादी पार्टी ने मुख्तार अंसारी के भाई सिब्ग़तुल्ला अंसारी और पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी को पार्टी में शामिल कर लिया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ ग़ाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सिब्ग़तुल्ला अंसारी के सपा में शामिल होने की आलोचना की है. सत्तारूढ़ भाजपा ने सपा से पूछा है कि "माफिया मुख़्तार के भाई और समाजवादी पार्टी का रिश्ता क्या कहलाता है." मऊ से पांच बार के विधायक और बसपा नेता मुख़्तार अंसार इस समय जेल में है. सिब्ग़तुल्ला अंसारी के दूसरे भाई अफज़ल अंसारी ग़ाज़ीपुर से बसपा के सांसद हैं. अंसारी परिवार का पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर, बलिया, मऊ, आज़मगढ़ और वाराणसी जैसे ज़िलों में प्रभाव माना जाता है. सिब्ग़तुल्ला अंसारी और अंबिका चौधरी के सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा, "मेरी कोशिश रहेगी कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के करीबी नेताओं को पार्टी में वापस लाया जाए..." साल 2017 में अंबिका चौधरी ने सपा छोड़ते वक़्त कहा था कि वे मुलायम सिंह यादव के साथ जैसा बर्ताव कि...

डीयू में सावरकर, सुषमा और जेटली के नाम पर खुलेंगे नए कॉलेज

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में नए कॉलेजों और सेंटर्स के नाम तय करने पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार वाइस चांसलर को दिया जा रहा है. ये नाम जानी-मानी शख़्सियतों की उस अप्रूव्ड लिस्ट से लिए जाएंगे, जिनमें वीर सावरकर, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के नाम शामिल हैं. कोलकाता से छपने वाले टेलीग्राफ़ अख़बार के मुताबिक़ इस लिस्ट और नाम तय करने का अंतिम अधिकार वाइस चांसलर को दिए जाने के प्रस्ताव पर विवाद छिड़ गया है. अकादमिक दुनिया के कुछ लोगों का कहना है कि इस क़दम का मक़सद मौजूदा सरकार को ख़ुश करना है. अब तक नए संस्थानों के नाम यूनिवर्सिटी की अकादमिक और एग्ज़िक्यूटिव काउंसिल में चर्चा के बाद तय किए जाते थे. वाइस चांसलर को नामों के चयन में अंतिम प्राधिकार घोषित करने प्रस्ताव को एकैडमिक काउंसिल ने मंज़ूरी दे दी है. मंगलवार को एग्ज़िक्युटिव काउंसिल इस पर चर्चा करेगी. अगर एग्ज़िक्यूटिव काउंसिल में ये प्रस्ताव पारित हो गया तो दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अपनी पसंद से नए नामों को लेकर फ़ैसला कर सकेंगे. अख़बार का यूनिवर्सिटी सूत्रों के हवाले से कहना है कि एग्ज़िक्यूटिव काउंसिल में ये प्रस्ताव पारित हो जाए...

मोदी सरकार के फ़ैसले के इंतज़ार में परेशान हैं ये अफ़ग़ान- प्रेस रिव्यू

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भारत की ओर से अफ़ग़ानिस्तान के नागरिकों के वीज़ा रद्द किए जाने के मामलों के बीच उन अफ़ग़ान छात्रों के बीच अनिश्चितता का माहौल है जो यहाँ पढ़ाई और रिसर्च के लिए आए हुए हैं. द हिंदू अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ इंडियन काउंसिल ऑफ़ कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) की स्कॉलरशिप पर ऐसे 1500 छात्र भारत में पढ़ रहे हैं. 27 साल के शफीक़ सुल्तान भी उन्हीं में से एक हैं जो आईसीसीआर की स्कॉलरशिप पर जेएनयू में पीजी कर रहे हैं. आईसीसीआर की ये स्कॉलरशिप परियोजना भारतीय विदेश मंत्रालय ने साल 2005 में शुरू की थी. शफीक़ सुल्तान ने पीएचडी के लिए अप्लाई किया है लेकिन सरकार की तरफ़ से उन्हें इस बात पर कोई जवाब नहीं आया है कि उनका वीज़ा और स्कॉलरशिप जारी रखे जाएंगे या नहीं. शफीक़ की महीने भर से अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अपने घरवालों से बात नहीं हो पाई है. उन्होंने हिंदू अख़बार को बताया, "अगर इस समय मैं अपने देश लौटता हूँ तो इसमें कोई शक नहीं कि एक रोज़ मैं मारा जाऊंगा. तालिबान की पहुंच हर डेटाबेस तक है और वे घर-घर जाकर जाँच कर रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि सरकार हमें नई ज़िंदगी देने पर विचार करेगी और यहाँ रहने और...

हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज, कई बुरी तरह से घायल

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भारत में कृषि कानूनों को लेकर आन्दोलन कर रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया जिसके कारण बहुत से किसान लहू-लोहान हो गए।  भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार पुलिस के कई किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें पुलिस किसानों पर लाठी बरसाते दिख रही है।  लाठीचार्ज के चलते कई किसान बुरी तरह से घायल हो गए।  पुलिस के लाठी चार्च में बहुत से किसानों के सिर फूट गए।  किसान संगठनों ने लाठीचार्ज का विरोध किया है। बताया यह भी जा रहा है कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट आयुष सिन्हा ने पुलिस बल को आदेश दिया था कि उल्लंघन करने वालों के सिर तोड़ दिये जाएं तथा उनपर जमकर लाठी बरसाई जाए।  यह किसान शनिवार को हरियाणा के करनाल के बस्तारा टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।  कई किसानों को घेरकर बहुत बुरी तरह से पीटा गया। किसान नेताओं ने इसे खूनी लाठीचार्ज बताया है।  भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पुलिस ने किसानों पर बहुत ही बेरहमी से लाठीचार्ज किया जिसका हम विरोध करते हैं। लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने अन्य जगहों के र...

तालेबान से कैसे रहेंगे संबंध, भारत ने अभी नहीं खोले पत्ते

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काबुल हवाई अड्डे के बाहर आत्मघाती हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत के बाद भारत ने कहा कि उसका पूरा ध्यान अफ़ग़ानिस्तान से शेष भारतीयों को वापस लाने पर है। भारत ने कहा कि तालेबान को मान्यता देने या न देने का सवाल अभी प्रासंगिक नहीं है क्योंकि पड़ोसी देश में सरकार गठन को लेकर अभी स्पष्टता की कमी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ख़राब होती सुरक्षा स्थिति के कारण बुधवार 25 अगस्त को काबुल हवाई अड्डे से भारत के लिए उड़ान भरने वाले विमान पर सवार होने के लिए लगभग 20 भारतीय और कई अफ़ग़ान शहरी नहीं पहुंच सके। बागची ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान से अपने घर लौटने को इच्छुक अधिकांश भारतीय नागरिकों को वहां से बाहर निकाल लिया गया है और वह पड़ोसी देश की स्थिति पर सावधानीपूर्वक नज़र रखे हुए हैं। भारत के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ज़मीनी स्थिति अनिश्चित है। हमारी मुख्य चिंता अपने लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। अभी काबुल में किसी इकाई के सरकार बनाने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है या स्पष्टता की कमी है, हम स्थिति पर नज़र रख...

इस्राईली सेना की फ़ायरिंग में फ़िलिस्तीनी बच्चा हताहत

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पूर्वी ग़ाज़ा में ज़ायोनी सैनिकों ने “उमर हसन अबू नील” नामक एक फ़िलिस्तीनी बच्चे को गोली मारकर शहीद कर दिया है। उमर हसन अबू नील को इस्राईली सैनिकों ने एक सप्ताह पहले पूर्वी ग़ाज़ा में गोली मार दी थी, जिसके बाद अबू नील अस्पताल में ज़िन्दगी और मौत की जंग लड़ रहा था। शुक्रवार देर रात अबू नील ज़ख़्मों को बर्दाश्त नहीं कर सका और अपनी ज़िन्दगी की जंग हार गया। इस बीच मंगलवार को भी एक 32 वर्षीय फ़िलिस्तीनी युवा “ओसामा ख़ालिद अदीअ” कि जिसे इस्राईल के आतंकी सैनिकों ने गोली मारी थी शहीद हो गया था। ज़ायोनी सैनिकों द्वारा अंजाम दिए जाने वाले अत्याचारों में ऐसी स्थिति में वृद्धि हो रही है कि जब ज़्यादातर फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध आंदोलनों ने इस्राईल को फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी दी हुई है। दूसरी ओर फ़िलिस्तीनी जनता ने गाज़ा की घेराबंदी, अवैध ज़ायोनी कॉलोनियों का निर्माण और ज़ायोनी शासन द्वारा अंजाम दिए जा रहे अपराधों के ख़िलाफ़ हर हफ़्तों की तरह इस शुक्रवार को भी फ़िलिस्तीन के विभिन्न इलाक़ों में विरोध-प्रदर्शन हुए। जिसमें इस्राईली सैनिकों के हमलों की वजह से क...

बिडेन: अफगानि्स्तान एयरपोर्ट पर अलगे 24 से 36 घंटे में फिर हो सकता है हमला

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काबुल धमाके के बाद अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी हमले का खतरा बना हुआ है। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बार फिर से चेताया है कि अगले एक से दो दिन में काबुल एयरपोर्ट के पास नया आतंकी हमला हो सकता है। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शनिवार को चेतावनी दी कि अफ़ग़ानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर 24 से 36 घंटे से भी कम समय में एक नया आतंकवादी हमला होने की संभावना है। बाइडेन की यह चेतावनी ऐसे वक्त में आई है, जब एक दिन पहले ही अमरीका ने ड्रोन हमले से दाइश के दो आतंकियों को मार गिराने का दावा किया था जिनकी काबुल हमले में भूमिका की बात कही जा रही है। बाइडेन ने शनिवार को वाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में ज़मीन पर स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है और हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमलों का ख़तरा बना हुआ है। हमारे कमांडरों ने मुझे सूचित किया कि अगले 24 से 36 घंटे में हमले की अत्यधिक संभावना है। ज्ञात रहे कि अमरीका अपने सैनिकों और अमरीका के लिए काम करने वाले अफ़गानियों को निकालने का काम 31 अगस्त को समाप्त कर देगा और अमरीका को 31 अगस्त तक अफगानिस्तान से निकल जाना है।

क्या तालेबान विरोधियों के अंतिम गढ़ में भी तालेबान लड़ाके घुसे

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 पंजशेर प्रांत में पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह और अहमद मसऊद के नेतृत्व में तालिबानी राज का मुकाबला कर रहे नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स ने तालिबान के उस दावे का खंडन किया है, जिसमें कहा गया है कि उसके लड़ाके कई दिशाओं से घाटी में प्रवेश कर गए। अफ़ग़ानिस्तान की सरकारी समाचार एजेन्सी तूलूअ न्यूज़ के अनुसार अहमद शाह मसऊद के समर्थकों ने पंजशेर की ओर तालेबान की प्रगति के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि किसी ने भी प्रांत में प्रवेश नहीं किया है। रेसिस्टेंस फोर्स डेलिगेशन के प्रमुख मुहम्मद अलमास ज़ाहिद ने कहा कि पंजशेर में कोई लड़ाई नहीं हुई है और न ही कोई घाटी में दाख़िल हुआ है। ज्ञात रहे कि इससे पहले तालेबान ने दावा किया था कि उसके लड़ाके पंजशेर प्रांत में दाख़िल हो गये हैं। तालेबान सांस्कृतिक आयोग के एक सदस्य अन्नामुल्लाह समांगनी ने कहा कि पंजशेर प्रांत में कोई लड़ाई नहीं हुई, मगर अफ़ग़ानिस्तान के इस्लामी इमारात के मुजाहेदीन बिना किसी प्रतिरोध का सामना किए विभिन्न दिशाओं से आगे बढ़े। इस्लामिक इमारात की सेना विभिन्न दिशाओं से पंजशीर में प्रवेश कर चुकी है। पंजशेर में अहमद मसऊद और पूर्व ...