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भारत, कोरोना के मामलों में एक बार फिर उछाल 14 हज़ार से अधिक नये मामले

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भारत में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 14 हज़ार 313 नए मामले आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 42 लाख 60 हज़ार 470 हो गई जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1 लाख 61 हज़ार 555 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को अपडेटेड आंकड़ों से यह जानकारी मिली। आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में संक्रमण के कारण 549 और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 4 लाख 57 हज़ार 740 हो गई है। कोरोना वायरस के नए मामले लगातार 36वें दिन 30 हज़ार से कम हैं और 125 दिन से नए मामले 50 हज़ार से कम हैं। मंत्रालय के अनुसार उपचाराधीन मरीजों की संख्या, संक्रमण के कुल मामलों की 0.47 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे कम है जबकि ठीक होने की दर 98.19 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीज़ों की संख्या में 221 की बढ़ोतरी हुई। भारत में अब तक 3 करोड़ 36 लाख 41 हज़ार 175 लोग स्वस्थ हो चुके हैं जबकि मृत्यु दर 1.34 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक रोजाना की संक्रमण दर 1.22 प्रतिशत है। यह पिछले 26 दिनों से दो प्रतिशत से कम है। साप्ताहिक संक्रमण दर 1.18 प्रतिशत है। यह...

पोप फ्रांसिस से पीएम मोदी की मुलाक़ात, महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार वैटिकन में पोप फ्रांसिस से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने कोविड, सामान्य वैश्विक परिदृश्य और शांति एवं स्थिरता बरकरार रखने समेत विभिन्न मुद्दों पर बात की। प्रधानमंत्री मोदी और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप फ्रांसिस के बीच आमने-सामने यह पहली बैठक थी। नरेन्द्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जिनसे फ्रांसिस ने 2013 में पोप बनने के बाद मुलाक़ात की है। सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने वेटिकन में पोप फ्रांसिस से 1 घंटे तक मुलाक़ात की जबकि यह बैठक केवल 20 मिनट के लिए निर्धारित की गई थी। पीएम और पोप ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने और ग़रीबी को दूर करने जैसे पृथ्वी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौराान पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस को भारत आने का न्योता भी दिया। पोप की आखिरी भारत यात्रा 1999 में हुई थी जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे और पोप जॉन पॉल द्वितीय भारत आए थे। ज्ञात रहे कि वैटिकन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मोदी के साथ मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने वैटिकन सिटी के विदेश मंत्री कार...

किसकी जगह होगी शार्दुल ठाकुर की टीम इंडिया में एंट्री, न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले में मोहम्मद शमी खेलेंगे या नहीं?

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टी-20 विश्व कप 2021 में 31 अक्टूबर की रात अहम मुक़ाबले में टीम इंडिया की भिड़ंत न्यूजीलैंड के साथ होगी। टी-20 वर्ल्ड कप में आजतक भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत नसीब नहीं हुई है। ऐसे में दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय टीम को अगर अपनी सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को ज़िंदा रखना तो कोहली एंड कंपनी को इतिहास को बदलना होगा। न्यूज़ीलैंड टीम के खिलाफ कोहली प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकते हैं। माना जा रहा है कि शार्दुल ठाकुर को टीम में मौक़ा मिल सकता है। वहीं, विराट हार्दिक पांड्या पर एक बार और भरोसा दिखाने के मूड़ में हैं। पाकिस्तान के ख़िलाफ़ टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ों के फ्लॉप शो के बावजूद कप्तान कोहली रोहित शर्मा और इनफॉर्म केएल राहुल की सलामी जोड़ी के साथ ही मैदान पर उतरना चाहेंगे। राहुल की हालिया फॉर्म बेहद शानदार है और हिटमैन अकेले दम पर मैच का रुख पलट सकते हैं इस बात से खुद विराट काफी अच्छी तरह से परिचित हैं। सूर्यकुमार यादव को भी इस अहम मुकाबले में एक और मौक़ा मिलने की पूरी उम्मीद है। इशान किशन को अपनी बारी के लिए अभी इंतेज़ार करना होगा। टूर्नामेंट के पहले मैच में कप्तान ...

बहरैन और अरब देश, लेबनान से राजदूतों को वापस बुलाने की तैयारी!

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लेबनान के सूचना मंत्री जार्ज क़रदाही के एक बयान से सऊदी अरब और बहरैन सहित अरब देश इतने तिलमिला गए कि उन्होंने अपने राजदूतों को वापस बुलाना शुरू कर दिया और लेबनान के राजदूतो को निकालने की ख़बरें भी आ रही हैं। सऊदी अरब ने बैरूत से अपने राजदूत को वापस बुलाया और लेबनानी राजदूत को रियाज़ से निकल जाने का आदेश दिया। लेबनान के सूचना मंत्री ने अपने बयान में कहा था कि हिज़्बुल्लाह ने इस्राईली हमलों का मुक़ाबला करते हुए देश की रक्षा की और यमन में अंसारुल्लाह आंदोलन और जनता सऊदी अरब के हमलों का मुक़ाबला कर रही है उन्होंने सऊदी अरब पर हमला नहीं किया है। सऊदी अरब ने इस बयान पर गहरी नाराज़गी जताई और बैरूत से अपने राजदूत को वापस बुलाया साथ ही लेबनान से सऊदी अरब के लिए हर तरह के निर्यात पर रोक लगा दी। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय से जारी होने वाले बयान में कहा गया है कि लेबनानी प्रशासन की ओर से सुधार की प्रक्रिया का ख़याल न रखे जाने की वजह से यह हालात पैदा हुए हैं। इसी बीच बहरैन ने भी जो विदेश नीति में पूरी तरह सऊदी अरब का पाबंद समझा जाता है लेबनानी राजदूत से कहा है कि वह 48 घंटे के भीतर बहरैन से चले जाए...

भारत और ईरान के बीच मज़बूत होते रिश्तों से बढ़ सकती हैं कुछ शासनों की बेचैनी!

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ईरान में भारत के राजदूत ने कहा है कि ईरान और भारत, एशिया की दो महान सभ्यताओं के रूप में, दोनों देशों के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और व्यापारिक संबंध, विशेष रूप से समुद्र के द्वारा, सुदूर अतीत से वर्तमान तक जारी रहे हैं। तेहरान में तैनात भारत के राजदूत गड्डम ध्रमेंद्र ने ईरान के हुर्मुज़गान प्रांत की यात्रा पर हैं। उन्होंने रविवार को ईरान के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और एक अपूरणीय और प्रभावशाली भूमिका के रूप में क्षेत्र के समुद्री व्यापार में शाहिद रजाई बंदरगाह की भूमिका को स्वीकारते हुए कहा कि हमें विश्वास है कि शहीद राजई पोर्ट, अपने रणनीतिक स्थान के साथ, उत्तर-दक्षिण गलियारे के बीच अंतर्राष्ट्रीय पारगमन को मज़बूत कर सकता है। भारतीय राजदूत ने ईरान और भारत के बीच समुद्री व्यापार के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि समुद्री सहयोग विकसित करने के लिए, भारत लंबे समय से चाबहार बंदरगाह में सक्रिय है, विशेष रूप से सार्वजनिक वस्तुओं और सामान्य माल के क्षेत्र में, और अधिक गेहूं और चीनी ले जाने वाले थोक वाहक इस बंदरग...

ईरान ने इस्राईल पर जवाबी साइबर हमला कर दिया, इस्राईली मीडिया का दावा

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ईरान के अनिवारक रक्षा संगठन के प्रमुख जनरल ग़ुलाम रज़ा जलाली ने कहा है कि ईरान की ईंधन वितरण प्रणाली या पैट्रोल पम्पों पर साइबर हमला अमरीका और ज़ायोनी शासन ने किया है। ईरान के टीवी चैनल-1 से बात करते हुए जनरल जलाली का कहना था कि इस हमले में मिडलवेयर भाग को निशाना बनाया गया है और यह बहुत ही जटिल हमला है। रेलवे और शहीद रजाई बंदहगार पर के गए साइबर हमलों की तरह ही इस हमले को भी अंजाम दिया गया है। ग़ौरतलब है कि मंगलवार को ईरान की ईंधन वितरण प्रणाली पर हमले के बाद पैट्रोल पम्पों पर इलैक्ट्रोनिक कार्ड से पैट्रोल लेने में लोगों को दुश्वारी का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद ईरानी विषेज्ञों ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया। दूसरी ओर, इस्राईली मीडिया ने दावा किया है कि इस्राईल के कुछ महत्वपूर्ण कम्यूटर सरवरों पर ब्लैक शेडो नामक हैकर गुट ने साइबर हमला किया है और हमलावरों का संबंध ईरान से है। इस्राईल के टीवी चैनल-12 की रिपोर्ट के मुताबिक़, एक साल में इस्राईली सरवरों पर यह दूसरा बड़ा हमला है और हैकरों ने संदेश दिया हैः एक बार फिर सलाम, फिर से आपके लिए एक ख़बर है, हां, आप पर साइबर हमला हुआ है। इस हमल...

पत्रकारों की हत्या का मुद्दा, 81 प्रतिशत मामलों में अपराधियों को सज़ाएं नहीं, भारत भी सुरक्षित नहीं

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अंतर्राष्ट्रीय संस्था कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) की वार्षिक ग्लोबल इंप्यूनिटी इंडेक्स 2021 से पता चला है कि पिछले दस सालों में पत्रकारों की हत्या के 81 फीसदी मामलों में किसी को भी आरोपी नहीं ठहराया गया है। दुनियाभर में प्रेस की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाली एक स्वतंत्र गैर लाभकारी संगठन सीपीजे ने एक सितंबर 2011 से 31 अगस्त 2021 के बीच दुनियाभर में मारे गए 278 पत्रकारों की सूची तैयार की है। रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें से 226 हत्याएं या तो बिना सुलझी रही या इनमें दोषी आजाद घूम रहे हैं। सीपीजे ने कहा कि ये पत्रकार भ्रष्टाचार, संगठित अपराध, चरमपथी समूहों और राजनीतिक प्रतिशोध मे मारे गए। रिपोर्ट से पता चला है कि पत्रकारों की हत्या के अनसुलझे मामलों में सोमालिया लगातार सातवें साल सबसे ख़राब देश बना हुआ है। सीपीजे की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इसके बाद सीरिया, इराक़ और दक्षिणी सूडान है। जवाबदेही की कमी को दर्शाने वाली इस सूची में सात देश हमेशा नजर आते हैं। इस सूची में भारत 12वें स्थान पर है, जहां पत्रकारों की हत्या के 20 मामले अनसुलझे हैं। भारत के पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान, ...

जब संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय में घुसा डायनासोर, चारो तरफ़ अफ़रा तफ़री

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संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था यूएनडीपी ने जलवायु परिवर्तन की कांफ़्रेंस आयोजित करने से पहले एक कैम्पेन शुरू किया है जिसके अंतर्गत दिखाया गया है कि एक विलुप्त डायनासोर संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के कांफ़्रेंस हाल में दाख़िल होता है जिसके बाद हर तरफ़ अफ़रा तफ़री मच जाती है और लोग भयभीत होकर इधर उधर भागने लगते हैं। बताया जाता है कि इस डायनासोर का नाम फ़्रैंकी डी डेनू है, यह संयुक्त राष्ट्र संघ के हॉल में दाख़िल होते ही कुछ कहता नहीं और सीधे माइक के पास जाता है और लोगों को संबोधि करते हुए कहते हैं कि अब समय आ गया है कि इंसान बहाने बाज़ियों से बचें और परिवर्तन लाएं, अगर आपको मेरा नज़रिया जानना है तो विलुप्त होने का चयन न करें।

टूथब्रश करने के लिए क्या दो मिनट काफी होते हैं, ब्रश करने का क्या है सही तरीक़ा?

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हम में से कई लोग इस सलाह से परिचित हैं कि हमें अपने दांतों को दिन में दो बार और कम से कम दो मिनट तक ब्रश करना चाहिए. दांत के डॉक्टरों ने 1970 के दशक में यह सुझाव देना शुरू किया कि हमें अपने दांतों को दो मिनट के लिए साफ़ करना चाहिए और बाद में नरम ब्रिसल वाले टूथब्रश को इस्तेमाल करने की भी सलाह दी थी. वैसे कुछ का कहना है कि एक मिनट भी दांतों को ब्रश करना काफ़ी है, जबकि कुछ साक्ष्यों का कहना है कि दो मिनट तक इसे साफ़ करना भी पर्याप्त नहीं है. कुछ नए शोधों के मुताबिक अगर दांत से अधिक से अधिक गंदगी हटानी है तो ब्रश भी ज़्यादा देर तक करनी होगी. इसके लिए कम से कम तीन या चार मिनट ब्रश करने का सुझाव दिया गया है. क्या इसका मतलब ये है कि हमें ब्रश करने के समय को दोगुना करना होगा? प्लेक़ हटाने में मददगार लेकिन अब जो सर्वसम्मति बनी है, वो मुख्य रूप से 1990 के दशक से प्रकाशित शोध रिपोर्ट पर आधारित हैं जिसमें ब्रश करने के समय, उसकी तकनीक और टूथब्रश के विभिन्न प्रकारों के बारे में है. इन शोधों में पता चला कि दो मिनट तक ब्रश करना प्लेक़ को तो हटाने में मददगार है लेकिन अच्छी तरह से नहीं. लेकिन जब ब्रश द...

कश्मीरी छात्रों को तुरंत आज़ाद किया जाएः महबूबा मुफ़्ती

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भारत नियंत्रित कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कश्मीरी छात्रों की तत्काल आज़ादी की मांग की है। पीडीपी की नेता ने कहा कि तीनों कश्मीरी छात्र अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद ग़नी को तत्काल आज़ाद किया जाए। महबूबा मुफ़्ती ने आगरा के इंजीनियरिंग कालेज में शिक्षा प्राप्त करने वाले कश्मीरी छात्रों के बारे में कहा है कि उन्होंने पाकिस्तान के समर्थन में नारे नहीं लगाए। महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू और कश्मीर के भीतर और बाहर कश्मीरी छात्रों पर कार्रवाई निंदनीय है।  जम्मू व कश्मीर में दो साल के दमन के बाद की स्थिति भारत सरकार के लिए एक आंख खोलने वाली होनी चाहिए। उन्होंने मांग कि है कि इन छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने आगरा कॉलेज के अधिकारियों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट को भी टैग किया, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में कोई राष्ट्र विरोधी नारे नहीं लगाए गए थे। याद रहे कि भारत के उत्तर प्रेदश राज्य के आगरा में टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान की जीत के बाद जश्न मनाने और देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में बिचपुरी स्थित आरबीएस टेक्निकल कैंपस...

किसानों को बिचौलियों से अनाज बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा हैः वरुण गांधी

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पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि जबतक एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दी जाती तबतक किसानों का शोषण जारी रहेगा। भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर किसानों के पक्ष में बयान दिया है। उनका कहना है कि जबतक एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दी जाती तबतक किसानों का शोषण जारी रहेगा। भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार एमएसपी अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानूनी गारंटी की मांग करते हुए वरुण गांधी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। याद रहे कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान संघों की मांगों में से एक मांग यह भी है कि जबतक एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दी जाती, तबतक किसानों का शोषण जारी रहेगा।  उन्होंने एक मंडी में सरकारी अधिकारी से बात करते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें वे कहते हुए दिख रहे हैं कि आप अच्छी तरह जानते हैं कि कुछ दिन पहले ही एक किसान ने अपनी धान की फसल में खुद ही आग लगा दी थी।  वरुण गांधी ने कहा कि पीलीभीत में भी ऐसा ही हुआ और 17 जिलों में ऐसा हो चुका है कि किसान खुद ही अपनी धान की फसल में आग लगा रहा है। वरुण गांधी के अनुसार यह मुद्...

भारतीय प्रधानमंत्री ने इटली में यूरोपीय संघ के वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात की

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भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए इटली की राजधानी रोम पहुंचे हैं जहां उन्होंने यूरोपीय संघ के वरिष्ठ नेताओं के साथ शुक्रवार को संयुक्त बैठक की है। बैठक में यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हुए और ज़मीन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आर्थिक तथा लोगों के बीच परस्पर रिश्तों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली पहुंचने के बाद यह पहली आधिकारिक बैठक है। शिखर सम्मेलन में वह कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य क्षेत्र को पटरी पर लाने, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन पर अन्य नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन के साथ सार्थक बातचीत के साथ रोम में आधिकारिक कार्यक्रम शुरू हुए। नेताओं ने ज़मीन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आर्थिक और लोगों के बीच परस्पर रिश्तों को मजबूत करने के तरी...

भारतः जुमे की नमाज़ में रुकावटें डालने पर दर्जनों गिरफ़तार

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भारत के गुरुग्राम शहर में कट्टरपंथी संगठन के लोगों ने नमाज़े जुमा के दौरान रुकावट डालने की कोशिश की जिन्हें गिरफ़तार किया गया है। गुरुग्राम में कट्टरपंथी संगठन कई हफ़्ते से अधिकारियों पर दबाव डाल रहा है कि वह मुसलमानों को खुली जगहों पर नमाज़ पढ़ने से रोकें। शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के समय पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया था ताकि कट्टरपंथी संगठन के उपद्रवी कोई गड़बड़ी न कर सकें मगर उपद्रवियों ने नमाज़ के दौरान नारेबाज़ी की। भारत में जब से नरेन्द्र मोदी सरकार ने बागडोर संभाली है कट्टरपंथी संगठनों का दुस्साहस बढ़ गया है और वह अल्पसंख्यकों पर हमले कर रहे हैं हालांकि मोदी सरकार का दावा है कि वह सभी समुदायों को साथ लेकर चलना चाहती है। सोशल मीडिया पर सामने आने वाली वीडियोज़ में देखा जा सकता है कि उपद्रवी एकत्रित हैं और वह नमाज़ियों को रोकने की मांग कर रहे हैं और जय श्रीराम के नारे लगा रहे हैं। दूसरी ओर पूर्वोत्तरी राज्य त्रिपुरा के कई भागों में भी जुमे को मुसलमानों पर हमलों के बाद तनाव देखा गया जिसे पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं पर होने वाले हमलों की प्रतिक्रिया कहा जा रहा है। राज्य के अध...

सीरिया की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के मुख्य कारण हैं क्या ?

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सीरिया की बिगड़ती स्थिति में ज़ायोनी शासन, अमरीका, उसके घटक तथा इनका समर्थन प्राप्त आतंकवादी गुटों की भूमिका रही है। सीरिया की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के बारे में संयुक्त राष्ट्रसंघ ने चेतावनी दी है। सन 2011 से सीरिया, गंभीर आंतरिक संकट का सामना करता आ रहा है। दूसरे अरब देशों की तुलना में सीरिया की स्थिति थोड़ी भिन्न है क्योंकि वहां पर उत्पन्न होने वाला आंतरिक संकट, विदेशी हस्तक्षेप के कारण ही अस्तित्व में आया है।  वर्चस्ववादी शक्तियों ने आतंकी गुटों का हर प्रकार से समर्थन करते हुए उनको सीरिया में सक्रिय किया ताकि इस अरब देश के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाए। सीरिया के मूलभूत ढांचे और समाजी ढांचे के बिखरने से वहां पर कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो गईं जैसे बेरोज़गारी और आर्थिक संकट आदि।  इसी वजह से एक करोड़ बीस लाख से अधिक सीरिया वासियों को सीरिया के भीतर या बाहर पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा।इन सभी बातों को कारण सीरिया में एसा आंतरिक संकट उभरा जिसे इस समय स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है। बताए जाने वाले इन कारकों के साथ ही पश्चिमी प्रतिबंधों से सीरिया की आर्थिक स्थिति को और...

सूडान में सैनिक बग़ावत के ख़िलाफ़ मिलियन मार्च की तैयारी, सेना ने काट दी इंटरनेट सेवा

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सूडान में सैनिक बग़ावत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हैं जहां जनता ने 30 अकतूबर को मिलियन मार्च का एलान किया है वहीं सेना ने इंटरनेट सेवा काट दी है और राजधानी ख़ारतूम में पुलों पर रुकावटें खड़ी करके रास्ते बंद कर दिए हैं। सूडान की बाग़ी सैनिक सरकार पर अमरीका, यूरोपीय संघ और राष्ट्र संघ की ओर से दबाव डाला जा रहा है वह प्रदर्शनकारियों को कुचलने की कोशिश न करे। सूडान के टेलीवीज़न पर एलान किया गया कि परिवहन मंत्रालय ने राजधानी की सारी मुख्य सड़कों और पुलों को बंद कर दिया है। सूडान के कार्यकर्ताओं और राजनैतिक दलों ने राजधानी में अपने नियंत्रण वाली मस्जिदों के भीतर से वीडियो जारी किए जिसमें उन्होंने शनिवार के मार्च में बढ़ चढ़ कर भाग लेने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने सैनिक कमांडर अब्दुल फ़त्ताह बुरहान के ख़िलाफ़ नारे लगाए जो सत्ता को अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इंटरनेट सेवा कट जाने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर मौजूद हैं। सेना ने हालांकि बड़े पैमाने पर राजनेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ़तार किया है लेकिन प्रतिरोधक कमेटियों के नाम से बनी...

सब बदल रहा है

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Meta :फ़ेसबुक का नया नाम, जानिए इंटरनेट का भविष्य बताए जाने वाला 'मेटावर्स' आख़िर है क्या?

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सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फ़ेसबुक ने अपनी ब्रैंडिंग में बड़ा बदलाव करते हुए अपना कॉर्पोरेट नाम बदल कर 'मेटा' कर लिया है. कंपनी ने कहा है कि वो जो काम करती है, नया नाम उसे बेहतर तरीके से बताता है. साथ ही कंपनी सोशल मीडिया के इतर वर्चुअल रियलिटी जैसे क्षेत्रों में अपने काम का दायरा बढ़ाने जा रही है. फ़ेसबुक ने हाल में घोषणा की थी कि 'मेटावर्स' का विकास करने के लिए वो यूरोप में 10,000 लोगों को बहाल करेगी. मेटावर्स एक कॉन्सेप्ट है, जिसे कई लोग 'इंटरनेट का भविष्य' भी बता रहे हैं. लेकिन ये वास्तव में है क्या? मेटावर्स आख़िर है क्या? बाहरी लोगों को लग सकता है कि मेटावर्स, वर्चुअल रियलिटी (वीआर) का ही सुधरा हुआ रूप है. हालांकि कई लोग इसे इंटरनेट का भविष्य तक मानते हैं. वास्तव में, कई लोगों को लगता है कि वीआर के लिहाज से मेटावर्स वही तकनीक साबित हो सकती है, जैसा अस्सी के दशक वाले भद्दे फोन की तुलना में आधुनिक स्मार्टफोन साबित हुआ है. मेटावर्स में सभी प्रकार के डिजिटल वातावरण को जोड़ने वाले 'वर्चुअल वर्ल्ड' में दाख़िल होने के लिए कंप्यूटर की जगह केवल हेडसेट का उपयोग...

लिव-इन रिलेशनशिप कब क़ानून की नज़र में सही हैं?

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लिव-इन रिलेशनशिप, यानी शादी किए बगैर लंबे समय तक एक घर में साथ रहने पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं. किसी की नज़र में ये मूलभूत अधिकारों और निजी ज़िंदगी का मामला है, तो कुछ इसे सामाजिक और नैतिक मूल्यों के पैमाने पर तौलते हैं. एक ताज़ा मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे दो व्यस्क जोड़ों की पुलिस सुरक्षा की मांग को जायज़ ठहराते हुए कहा है कि ये "संविधान के आर्टिकल 21 के तहत दिए राइट टू लाइफ़" की श्रेणी में आता है. याचिकाकर्ताओं ने अदालत से कहा था कि दो साल से अपने पार्टनर के साथ अपनी मर्ज़ी से रहने के बावजूद, उनके परिवार उनकी ज़िंदगी में दखलअंदाज़ी कर रहे हैं और पुलिस उनकी मदद की अपील को सुन नहीं रही है. कोर्ट ने अपने फ़ैसले में साफ़ किया कि, "लिव-इन रिलेशनशिप को पर्सनल ऑटोनोमी (व्यक्तिगत स्वायत्तता) के चश्मे से देखने की ज़रूरत है, ना कि सामाजिक नैतिकता की धारणाओं से." भारत की संसद ने लिव-इन रिलेशनशिप पर कोई क़ानून तो नहीं बनाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसलों के ज़रिए ऐसे रिश्तों के क़ानूनी दर्जे को साफ़ किया है. इसके बावजूद इस तरह के मामलो...

धरती पर पानी क्या ख़त्म हो रहा है?- दुनिया जहान

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कुछ महीनों पहले की बात है. ईरान में अभूतपूर्व सूखे और बारिश की कमी की वजह से नदियाँ सूख गईं. पूरे देश में पानी की कमी को लेकर भीषण विरोध प्रदर्शन हुए. साल 2019 में भारत के सबसे बड़े शहरों में से एक चेन्नई का पानी संकट अख़बारों की सुर्खियां बना. उस वक़्त बहस छिड़ी कि बढ़े उद्योग, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन का असर किस तरह का कहर बरपा सकता है. साल 2018 में भीषण सूखे की वजह से दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर में प्रति व्यक्ति रोज़ाना पचास लीटर पानी सप्लाई की सीमा लागू की गई. साल 2014 में ब्राज़ील के साओ पाओलो और ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में भी हालात कुछ ऐसे ही थे. लंबे वक़्त से जल संकट के लिए ख़राब प्रबंधन, जलस्रोतों में निवेश की कमी और जलवायु परिवर्तन को ज़िम्मेदार ठहराया जाता रहा है. लेकिन न तो ये समस्या नई है और न ही कारण. 1980 के दशक से दुनिया में पानी के इस्तेमाल की दर प्रतिवर्ष लगभग एक फीसदी बढ़ रही है और 2050 तक इसके इसी दर से बढ़ते रहने की उम्मीद है. जानकार मानते हैं कि आने वाले वक़्त में पानी की मांग और जलवायु परिवर्तन का असर बढ़ने से जलस्रोतों पर दबाव और बढ़ेगा. तो इस सप्ताह दुनिया जहान...

आप नाश्ता करते हैं या नहीं कहीं यह ग़लती तो नहीं कर रहे हैं? अपने इम्यून सिस्टम को बर्बाद होने से बचाएं, सर्दियों में रखें ख़ास ख़याल

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अगर आप नाशता करते हैं और कुछ बातों का ध्यान नहीं रखते हैं तो इससे आपका इम्यून सिस्टम ख़राब हो सकता है। आज हम आपकी कुछ ऐसी ख़राब आदतों के बारे में बताएंगे जो आपकी इम्यूनिटी को कमज़ोर कर सकती हैं। आपको आज से ही इन आदतों को सुधारने की ज़रूरत है। साल के ठंडे महीनों में शरीर को गर्म कपड़ों से ढंकना ज़रूरी है, वैसे ही हर मौसम में अपने इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाए रखना भी उतना ही ज़रूरी है। ताकि आप फ्लू और संक्रमण से लड़ सकें। कुछ सप्लीमेंट और व्यायाम जैसी चीज़ें आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन आपके द्वारा चुनी गई खाने की आदतें आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली की ताक़त में भी एक बड़ा बदलाव लाती हैं। वास्तव में, नाश्ते की आपकी कुछ आदतें भी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को इस तरह से प्रभावित कर सकती हैं, जिसका आपको अंदाज़ा नहीं होगा। कुछ ब्रेकफास्ट हैबिट्स आपके इम्यून सिस्टम को सुधार भी सकती हैं और बर्बाद भी कर सकती हैं। 1. बहुत अधिक चीनी का सेवन नाश्ता मानव शरीर के इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाए रखने का सबसे अच्छा माध्यम है। नाशता आपकी प्रतिरक्षा को मज़बूत करने में आपकी मदद करता है। जब नाशता...

क्या इस रविवार भारतीय टीम की लगेगी नैया पार? न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ डरावने हैं भारत के रिकॉर्ड

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पिछले रविवार को टी-20 विश्व कप के अपने पहले मैच में पाकिस्तान के हाथों शर्मनाक हार का समाना कर चुकी भारतीय क्रिकेट टीम का अगला मुक़ाबला आगामी रविवार को न्यूज़ीलैंड से है। भारत और न्यूज़ीलैंड की टीमें टी-20 वर्ल्ड कप में अबतक दो बार आमने-सामने हुई हैं। इस दौरान दोनों बार भारतीय टीम को न्यूज़ीलैंड़ टीम से हार ही मिली है। आईसीसी पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप 2021 में आगामी रविवार को भारतीय टीम का दूसरा मुक़ाबला 2019 वर्ल्ड कप उपविजेता न्यूज़ीलैंड के साथ है। भारतीय टीम को सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में पहुंचने के लिए इस मैच को जितना ही होगा, क्योंकि ग्रुप बी में पाकिस्तान के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान की टीम भी ज़बरदस्त प्रदर्शन कर रही है।  हाल यह है कि पाकिस्तान की टीम अपने दोनों मुक़ाबलों में जीत के साथ चार (+0.738) अंक लेकर पहले पायदान पर काबिज़ है, वहीं अफ़ग़ानिस्तान की टीम ने अपने पहले ही मुक़ाबले में स्कॉटलैंड को 130 रनों के बड़े अंतर से पराजित करके दो (+6.500) अंकों के साथ अंकतालिका में अच्छी बढ़त बना रखी है। वहीं बात करें टीम इंडिया के बारे में तो विराट सेना मौजूदा समय में बिना किसी अंक के निचे से द...

डर सबको लगता है

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अरविंद केजरीवाल राम के नाम से क्या हासिल करना चाहते हैं

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आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने अपनी दो दिवसीय अयोध्या यात्रा के दौरान बीते मंगलवार हनुमान गढ़ी और 'राम लला' के दर्शन किए. इसके बाद उन्होंने एलान किया कि बुधवार से दिल्ली के बुज़ुर्ग नागरिक मुफ़्त में अयोध्या की यात्रा कर सकेंगे. इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजरीवाल को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा, "(अरविंद केजरीवाल) पहले भगवान राम को गाली देते थे, लेकिन आज जब लगता है कि अब राम के बगैर नैय्या पार होने वाली नहीं है तो अयोध्या में राम जन्मभूमि के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं." हालांकि, राशिद अल्वी ने इसके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि "बीजेपी ने धर्म को राजनीति से जोड़कर अन्य पार्टियों के नेताओं को धार्मिक स्थानों पर जाने के लिए विवश कर दिया है. हर पार्टी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले लोगों में एक संदेश देना चाहती है." लेकिन सवाल ये उठता है कि अयोध्या जाना अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक विवशता है या ये आम आदमी पार्टी की एक सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा है. 'आप' की मजबूरी या चुनावी रणनीति? ...

पाकिस्तान: इमरान ख़ान हुकूमत और टीएलपी आमने-सामने, इस्लामाबाद छावनी बना

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पाकिस्तान में प्रतिबंधित धार्मिक और राजनीतिक दल तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान ने इमरान ख़ान हुकूमत के साथ बातचीत में नाकाम होने का दावा करते हुए बुधवार को राजधानी इस्लामाबाद और जीटी रोड पर अपने कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ अपना 'लॉन्ग मार्च' फिर से शुरू कर दिया है. इस काफ़िले को पुलिस आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रही है, वहीं गुजरांवाला प्रशासन ने भी रेंजर्स की मदद लेने का फैसला किया है. बीबीसी के शहजाद मलिक से बात करते हुए, तहरीक-ए-लब्बैक के नेता मुफ्ती उमर अल-अज़हरी ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं ने रास्ते की सभी बाधाओं को हटा दिया और आगे बढ़ गए. संवाददाता तरहाब असगर के मुताबिक़, मार्च फिर शुरू होने के बाद साधुकी नाम की जगह पर पुलिस ने फिर से काफिले को रोकने की कोशिश की और आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस और तहरीक-ए-लब्बैक कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़पें हुई हैं. पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक ताज़ा झड़पों में कसूर पुलिस के एएसआई अकबर की मौत हो गई और 64 अन्य घायल हो गए, जबकि तहरीक-ए-लब्बैक ने पुलिस पर तेज़ाब की बोतलें फेंकने और फायरिंग करने का आरोप लगाया है. गुजरांवाला पुलिस के अनुसार...

पेरिस समझौते में भारत का वादा, कितना हुआ पूरा

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पेरिस समझौते के बाद भारत ने भी अपनी तरफ़ से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई वादे किए थे जिसमें तीन प्रमुख बातें थीं. पहला - 2005 के मुकाबले 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 33 से 35 प्रतिशत की कमी का लक्ष्य सबसे अहम था. भारत सरकार का दावा है कि पहले लक्ष्य में 28 फ़ीसदी का टारगेट भारत 2021 में पूरा कर चुका है. लेकिन भारत दुनिया में चीन और अमेरिका के बाद कार्बन उत्सर्जन करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है. भारत अभी भी दुनिया में कोयले का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और देश की कुल बिजली का 70% से ज़्यादा हिस्सा कोयले से ही उत्पादित होता है. विकासशील देश होने की वजह से इस बात की संभावना है कि देश के सतत आर्थिक विकास के लिए अगले कुछ दशकों तक ऊर्जा के उत्पादन का मुख्य स्रोत कोयला ही रहेगा. माना जा रहा है कि ये एक महत्वपूर्ण तथ्य है जिस वजह से भारत ने अभी तक नेट ज़ीरो लक्ष्य की घोषणा नहीं की है. पेरिस समझौते के बाद भारत का दूसरा बड़ा वादा था- 2030 तक अपनी बिजली आपूर्ति का 40 फ़ीसदी हिस्सा रिन्यूएबल (अक्षय) और परमाणु ऊर्जा से हासिल करना. भारत सरकार का दावा है कि 2030 तक वो टारगेट से ज़्यादा (तक़री...

COP26 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ग्लासगो दौरा क्यों अहम है?

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भारत को पिछले एक साल में प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बेमौसम बरसात, बाढ़ और तूफ़ान की वजह से 87 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है. ये आँकड़ा वर्ल्ड मीटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन ने जारी किया है. इस मामले में भारत से आगे केवल चीन है जिसका पिछले एक साल का नुक़सान 238 अरब डॉलर का है. जानकार इस नुक़सान को जलवायु परिवर्तन से जोड़ कर देखते हैं. यही वजह है कि भारत समेत दुनिया के तक़रीबन 120 देश ब्रिटेन के ग्लासगो शहर में जुट रहे हैं ताकि जलवायु परिवर्तन और उससे होने वाले ख़तरे से निपटने पर दुनिया एक साथ मिल-बैठकर क़दम उठा सके. दिल्ली, उत्तराखंड से लेकर केरल तक, गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल और असम तक के लोगों ने बदलते तापमान की वजह से होने वाले इन बदलावों को काफ़ी क़रीब से महसूस किया है. इन्हीं बदलावों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ग्लासगो दौरा अहम हो जाता है जहाँ दुनिया के तमाम बड़े देश दुनिया के बदलते तापमान को लेकर चर्चा करने वाले हैं. ग्लासगो में क्या होगा? ग्लासगो में COP26 सम्मेलन 31 अक्टूबर से होने वाला है. 13 दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन को COP सम्मेलन कहा जाता है, जिसका मतलब - 'कॉ...

सऊदी अरब और इज़राइल के बीच पहली सीधी उड़ान

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इजरायली मीडिया के अनुसार सऊदी अरब और इज़राइल के बीच पहली सीधी उड़ान सोमवार (23 नवंबर) को हुई। अमीरात एयरलाइंस के बोइंग 787 यात्रियों को रियाद से तेल अवीव के बांगुरिन हवाई अड्डे तक ले गया। इसी साल अप्रैल में बेंजामिन नेतन्याहू ने दोनों देशों के बीच इस सीधी उड़ान को शुरू करने का वादा किया था। यह आयोजन सऊदी अरब के साथ संबंधों को सामान्य करने के इजरायल के प्रयासों का हिस्सा है। पिछले दो वर्षों में, इज़राइल ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और सूडान जैसे अरब देशों के साथ संबंधों को सामान्य किया है, जिसे "इब्राहिम पैक्ट" के रूप में जाना जाता है, और इजरायल-सऊदी संबंधों को सामान्य करने के प्रयास चल रहे हैं। सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल-सऊद ने पहले कहा था कि इस तरह के समझौते पर पहुंचना आर्थिक और सामाजिक रूप से और साथ ही सुरक्षा के लिहाज से "बेहद फायदेमंद" होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि समझौता तभी होगा जब 1967 की सीमाओं के भीतर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के गठन को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सऊदी सरकार द्वारा सार्वजनिक प्रणाली का घोर उल्लंघन

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सऊदी शासन ने दूसरे धर्म के मानने वाले और मानवाधिकार के कैदियों की फाइल से निपटने में घरेलू कानून के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए, किंगडम में सार्वजनिक अभियोजन प्रणाली का खुले तौर पर उल्लंघन किया है। सनद ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने नियमों में उल्लेख किया है कि सऊदी अधिकारियों ने इसके कुछ प्रावधानों का उल्लंघन किया है। सरकारी पक्ष ने "सार्वजनिक अभियोजन प्रणाली", का खुले तौर पर उल्लंघन करते हुए इसका दुरुप्योग किया है। प्रणाली के अनुच्छेद 5 में कहा गया है कि आयोग के सदस्य अपने काम में केवल इस्लामी शरिया के प्रावधानों और लागू नियमों के अधीन हैं, और किसी को भी उनके काम में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। दूसरी ओर, सऊदी अधिकारी आयोग का दुरुप्योग करते हुए मानवाधिकार का उल्लंघन करते है और अदालतें धार्मिक कैदियों के खिलाफ मनमाने ढंग से सजा जारी करती हैं, कभी-कभी मौत की हद तक। संगठन ने जोर देकर कहा कि सऊदी अधिकारियों को अपने कानूनों की समीक्षा करनी चाहिए और मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करने और न्याय को संरक्षित और मजबूत करने के लिए अपने लेखों के प्रावधानों का पालन करना च...

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में यहूदी रब्बी का नाच

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सऊदी अरब में एक सऊदी नागरिक के साथ नृत्य करने वाले यहूदी रब्बी याकूब हरज़ुक को देश का मुख्य रब्बी बनने की उम्मीद है। इज़राइली मीडिया ने सऊदी अरब में इस इज़राइली रब्बी की छवि के प्रकाशन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह रब्बी हरज़ुक है, जो सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मुख्य इज़राइली रब्बी बनना चाहता है। सोशल मीडिया पर हर्ज़ुक का एक वीडियो पोस्ट किया जा रहा है जिसमें वह रियाद में एक सऊदी नागरिक के साथ नाचते हुए दिखाई दे रहा है।

बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले के बाद डर के साए में जीते हिंदू

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कई हिंदुओं की तरह बनोलता दास का मानना है कि मंदिर एक सुरक्षित और पवित्र जगह है. इसी वजह से बनोलता दास को बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्व नोआखाली ज़िले के एक मंदिर कॉम्प्लेक्स में अपने बेटे के जाने पर कोई चिंता नहीं थी. प्रांत चंद्र दास 21 वर्ष के थे और कॉलेज में पढ़ते थे. लेकिन तभी यह त्रासदी घटित हुई और धार्मिक उन्मादियों की सैकड़ों लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर प्रांत चंद्र दास को पीट-पीटकर मार डाला. बनोलता रोते हुए कहती हैं, "मेरा सबसे छोटा बेटा मेरे दिल के सबसे क़रीब था. उसकी मौत के बाद मैं अपना दिल और सब कुछ खो चुकी हूं." सिलसिलेवार तरीक़े से शुरू हुई हिंसा कुमिल्ला ज़िले में एक दुर्गा पूजा पंडाल में कथित तौर पर क़ुरान रखे जाने की घटना के बाद शुरू हुए दंगों में उनके बेटे की भी मौत हुई है. सोशल मीडिया पर अफ़वाह फैलने के चंद घंटों के अंदर ही कुमिल्ला ज़िले में दुर्गा पूजा पंडाल पर मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमले शुरू कर दिए. इसके तुरंत बाद बांग्लादेश के बाक़ी हिस्सों में भी हिंसा शुरू हो गई. मंदिरों में तोड़फोड़ की गई और हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के घरों और दुकानों को आग लगा ...

डायबिटीज से ग्रस्‍त महिलाएं करवा चौथ व्रत रखने से पहले जानें ये टिप्‍स

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शुगर में करवा चौथ का व्रत रखना आसान नहीं है, लेकिन डॉक्‍टर द्वारा बताए कुछ टिप्स अपनाकर आप भी करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं।  हिंदूू धर्म में किए जाने वाले व्रतों में से करवा चौथ भी एक है। शादीशुदा महिलाओं में इस व्रत को रखने का बहुत क्रेज होता है, क्‍योंकि इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्‍छी सेहत के लिए व्रत रखती हैं। सूर्योदय के समय से शुरू होने वाला यह व्रत रात को चांद निकल जाने तक चलता है। जहां एक ओर इस व्रत को करने से आपकी बॉडी अच्‍छे से डिटॉक्‍स होती है, वहीं दूसरी ओर पूरा दिन खाली पेट रहने से हेल्‍थ पर बुरा असर भी पड़ सकता है। खासतौर पर शुगर से ग्रस्‍त महिलाओं को इस व्रत का अपनी सेहत पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव के बारे में आकलन जरूर करना चाहिए। आइए करनाल स्थित भारती हॉस्पिटल के कंसलटेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ एंडोक्राइन सोसाइटीज के वाइस प्रेजिडेंट डॉक्‍टर संजय कालरा से जानें कि डायबिटीज खासकर टाइप-1 और टाइप-2 वाली महिलाओं को करवा चौथ के दौरान कैसे सावधानी बरतनी चाहिए। डॉक्‍टर संजय कालरा बताते हैं कि ''कुछ-कुछ समय के अंतराल पर व्रत रखना आपकी ह...

हरी मिर्च का पौधा लगाते समय इस तरह तैयार करें मिट्टी

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अगर आप घर पर हरी मिर्च का प्लांट लगा रहे हैं, तो मिट्टी तैयार करते समय इन बातों का ध्यान रखें।  हरी मिर्च एक ऐसी सब्जी है, जिसे हर व्यंजन में डालकर पकाया जाता है। क्योंकि हर दूसरी सब्जी में इसका इस्तेमाल किया ही जाता है। अगर भोजन में हरी मिर्च ना डाली जाए, तो भोजन में वो तीखापन नहीं आता, जिसे लोग पसंद करते हैं। इसलिए बहुत-से लोग हरी मिर्च को बाहर से खरीदने की बजाय घर में ही लगाना या फिर उगाना पसंद करते हैं। अगर आप भी घर पर मिर्च का पौधा लगा रहे हैं, तो आपको मिट्टी तैयार करते समय कुछ चीज़ें को ध्यान में रखना जरूरी है। तो चलिए जानते हैं पौधे की मिट्टी तैयार करते समय आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।  हरी मिर्च के पौधे की ग्रोथ के लिए जरूरी है कि मिट्टी में मौजूद सभी पोषक तत्व बीजों तक भी सही तरह से पहुंचें। कई बार ऐसा होता है कि बीज बोने के कुछ दिन बाद, जब हम मिट्टी में खाद या कोई पोषक तत्व आदि डालते हैं, तो वह तत्व नीचे तक नहीं पहुंच पाते हैं। बीजों को जब सही पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, तो पौधे की ग्रोथ पूर्ण रूप से नहीं हो पाती है। इसलिए आप पौधे की मिट्टी समय-समय पर ऊप...

आर्यन ख़ान के पक्ष में उनके वकीलों ने क्या दलील दी, ब्लड टेस्ट पर सवाल- प्रेस रिव्यू

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बॉलीवुड सुपर स्टार शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान की ज़मानत याचिका पर सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में आज भी जारी रहेगी. मंगलवार को सीनियर वकील और मोदी सरकार में अटॉर्नी जनरल रहे मुकुल रोहतगी ने आर्यन ख़ान की ओर से कोर्ट में दलील पेश करते हुए कहा कि बहुत ही मनमानी तरीक़े से गिरफ़्तारी की गई है. आर्यन की बचाव टीम में शामिल मुकुल रोहतगी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जस्टिस नितिन डब्ल्यू सांबरे की सिंगल बेंच से कहा कि नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को 23 साल के आर्यन के पास से कोई ड्रग नहीं मिला है और न ही कोई मेडिकल जाँच कराई गई, जिससे पता चलता हो कि आर्यन ने ड्रग का सेवन किया था. बॉम्बे कोर्ट में आर्यन की ज़मानत पर सुनवाई की ख़बर को अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने पहले पन्ने की लीड ख़बर बनाई है. अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, आर्यन की ओर से कोर्ट में सीनियर वकील अमित देसाई भी दलील दे रहे थे. उन्होंने कहा कि आर्यन ख़ान और उनके एक दोस्त के बीच ऑनलाइन पोकर को लेकर वॉट्सऐप चैट की ग़लत व्याख्या की गई और उसे ड्रग से जोड़ दिया गया. आर्यन ख़ान दो अक्टूबर से हिरासत में हैं. उन्हें उसी दिन एक क्रूज...