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दिसंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अलयत्मा की आज़ादी क्या सऊदी अरब की कमर तोड़ देगी?

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अल-जौफ के बाहरी इलाके में अल-यत्मा के और युद्ध के सऊदी क्षेत्र की गहराई तक हस्तांतरण के बाद, नजरान के वह विशाल तेल भंडार जो यमन की सम्पत्ती थे और सऊदी अरब द्वारा वर्षों से लूटे जा रहे थे अब यमनी सेना के हाथ में आ गए है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि सऊदी सरकार हमेशा यमन के युद्धक्षेत्र में हार के बाद किसी खास मुद्दे को उठाकर या फिर मीडिया में झूठी खबरें चलाकर उसकी भरपाई करने की कोशिश करती है। हालांकि पर्यवेक्षकों ने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब को इन नकली और मीडिया हमलों से कोई फायदा नहीं होगा। पर्यवेक्षकों का कहना है कि हमलावर गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के झूठे बयान अब किसी बच्चे को भी धोखा नहीं दे सकते। वह इन आरोपों से सऊदी जनमत को प्रभावित करना चाहते थे, क्योंकि जनता की राय यह है कि सऊदी अरब को यमन में भारी हार का सामना करना पड़ा है। इसलिए, इस देश की सरकार आंतरिक दमन के माध्यम से अपनी हार के परिणामों को रोकने की कोशिश कर रही है। पर्यवेक्षकों ने कहा कि यमन में सऊदी अरब की हार स्पष्ट है हालांकि सरकार इसे एक जीत के रूप में देखने की कोशिश कर रही है, जबकि सऊदी नागरिक रोज़ाना उनके सरों ...

चीन पर चुप्पी क्यों साधे हैं पीएम मोदी

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भारत के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों का नाम बदलने और इस राज्य को दक्षिणी तिब्बत क़रार देने पर केन्द्र सरकार की चुप्पी की आलोचना की है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चीन के इस क़दम का उल्लेख करते हुए कहा कि अभी कुछ दिनों पहले हम 1971 के युद्ध में भारत की गौरवपूर्ण जीत को याद कर रहे थे, देश की सुरक्षा और विजय के लिए सूझ-बूझ और मज़बूत फ़ैसलों की ज़रूरत होती है, खोखले जुमलों से जीत नहीं मिलती। दूसरी ओर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोदी सरकार को ‘कमज़ोर’ बताया और प्रधानमंत्री मोदी पर भारत की क्षेत्रीय अखंडता के लिए चीनी खतरों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। सुरजेवाला ने ट्विटर पर कहा कि साल के अंत में चीन हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा है। चीन ने पहले ही पूर्वी लद्दाख में देपसांग मैदानों और गोगरा हॉट स्प्रिंग्स का अतिक्रमण किया और कब्जा कर लिया है. चीन ने अरुणाचल में एक गांव बसाया है। ‘मिस्टर 56’ ने एक शब्द भी कहने से इंकार कर दिया, कमजोर सरकार, मौन पीएम। दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने एक संव...

क्या इस्राईल और फ़िलिस्तीनियों के बीच जंग के हालात बन रहे हैं?

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ग़ज़्ज़ा पट्टी और इस्राईल के बीच वर्तमान माहौल को देखते हुए विशेषज्ञ आशंका जताने लगे हैं कि जंग की संभावना बहुत बढ़ गई है। तुर्की की अनादूलू न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कई विशेषज्ञों ने यह बात कही है कि पिछले युद्ध के बाद हुए संघर्ष विराम समझौते में इस्राईल ने यह शर्त मानी थी कि वह ग़ज़्ज़ा के पुनरनिर्माण के लिए ज़रूरी वस्तुओं को ग़ज़्जे ले जाने की अनुमति देगा लेकिन एक साल होने वाला है और इस्राईल बार बार टालमटोल कर रहा है। अगर यही स्थिति जारी रही तो झड़पों का शुरू हो जाना निश्चित है हमास ने खुली धमकी दी है कि अगर इस्राईल ने ग़ज़्ज़ा के पुनरनिर्माण में इसी तरह बाधा डालने का सिलसिला जारी रखा तो उसे ख़मियाज़ा भुगतना पड़ सकता है। हमास के नेता इब्राहीम अलमदहून ने एक बयान में कहा है कि अगर नाकाबंदी जारी रही तो हम हर रूप में इसका मुक़ाबला करेंगे। अनादुलु न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए मदहून ने कहा कि हम ग़ज़्ज़ा पट्टी की नाकाबंदी समाप्त करने के लिए इस्राईल पर लगातार दबाव बनाए रहेंगे। उन्होंने कहा कि कई कारण हैं जो ग़ज़्ज़ा पट्टी को विस्फोटक स्थिति की तरफ़ ले जा रहे हैं। मदहून का कहना था कि ए...

इस्राईल ने दिया फ़िलिस्तीनियों को नये साल का तोहफ़ा, दुनिया ख़ामोश...

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वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनियों पर इस्राईली सैनिकों की फ़ायरिंग में दर्जनों फ़िलिस्तीनी घायल हो गये। फ़िलिस्तीन के इन्फ़ारमेश्न सेन्टर की रिपोर्ट के अनुसार नाब्लस, अलख़लील और क़िलक़ेलिया सहित वेस्ट बैंक के अनेक क्षेत्रों में इस्राईली सैनिकों के हमलों  दर्जनों फ़िलिस्तीनी घायल हो गये। इस्राईली सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग की और आंसू गैस के गोले फ़ायर किए। कुछ दिन पहले भी वेस्ट बैंक के नाब्लस प्रांत के बरक़ा क्षेत्र में भी इस्राईली सैनिकों के हमले में कम से कम 127 फ़िलिस्तीनी घायल हुए थे। घायलों में 5 को सीधे फ़ायरिंग का निशाना बनाया गया था। घायल होने वालों में ज़्यादातर का सबंध फ़िलिस्तीन के नाब्लस शहर के बरक़ा इलाक़े से है। फ़िलिस्तीनी जनता नई अवैध इस्राईली कालोनियों के निर्माण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करती है। इस्राईल विश्व समुदाय की मांग पर ध्यान दिए बिना ही अमरीका के समर्थन से अवैध कालोनियों का निर्माण जारी रखे हुए है। (

पाकिस्तानः कोएटा में साइंस कालेज के क़रीब धमाका 4 लोगों की मौत

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पाकिस्तान में बलोचिस्तान की राजधानी कोएटा में अधिकारियों का कहना है कि एक रिमोट कंट्रोल बम धमाके में कम से कम चार लोग मारे गए और 15 घायल हो गए हैं। धमाका उस समय हुआ जब गुरुवार की रात कालेज में जमीअते ओलमाए इस्लाम की शोहदा कान्फ़्रेन्स की समाप्ति के बाद लोग कालेज से निकल रहे थे। पार्टी के नेता मौलाना अब्दुल क़ादिर लोनी का दावा है कि धमाके के ज़रिए पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। डीआईजी पुलिस कोएटा सैयद फ़िदा हुसैन ने घटनास्थल पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि अज्ञात हमलावरों ने कालेज के बाहर पटेल रोड से लगे मेन गेट पर बिजली के खंभे में विस्फोटक लगा दिया था। उन्होंने बताया कि विस्फोटक उस समय ज़ोरदार आवाज़ से फट गया जब कान्फ़्रेन्स की समाप्ति पर लोग इस गेट से निकल रहे थे। उनका कहना था कि धमाके में कम से कम 4 लोग मारे गए और 15 घायल हो गए। मारे गए लोगों के शवों और घायलों को सिविल अस्पताल कोएटा पहुंचाया गया। कुछ घायलों की हालत नाज़ुक है। जमीअते ओलमाए इस्लाम के नेता सैयद अब्दुस्सत्तार चिश्ती ने कहा कि धमाके में हताहत और घायल होने वाले लोग इस पार्टी के कार्यकर्ता हैं।

अमरीका में रोज़ाना संक्रमण की दर पहुंची पांच लाख के क़रीब, दुनिया के देशों में फिर लाकडाउन की तैयारी

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अमरीका में गुरुवार को सामने आने वाले आंकड़ों से पता चला कि पिछले 24 घंटों में लगभग 5 लाख लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। वहीं फ़्रांस में लगातार दूसरे दिन 2 लाख से अधिक मामले सामने आए। इस बीच दुनिया के अलग अलग देशों में आंशिक लाकडाउन शुरू हो गया है। अमरीकी स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को एलान किया कि चौबीस घंटे में 4 लाख 88 हज़ार मरीज़ मिले। न्यूयार्क टाइम्ज़ का कहना है कि यह बहुत बड़ी संख्या है। पिछले सप्ताह दैनिक संक्रमण की दर ढाई लाख से 2 लाख 65 हज़ार के बीच रही थी। अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि नए मरीज़ों में 12 प्रतिशत से अधिक ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित हैं। अमरीकी विदेश मंत्रालय ने अपने देश के नागरिकों से कहा है कि अगर वे विदेश यात्रा का इरादा रखते हैं तो आपात हालात की तैयारी कर लें क्योंकि विदेश जाने के बाद उन्हें अपने कार्यक्रम से अधिक समय तक रुकना पड़ सकता है। वरिष्ठ वायरोलोजिस्ट एंथोनी फ़ाउची ने पहले ही चेतावनी दी थी कि नववर्ष के समारोहों के नतीजे में संक्रमण की दर में भारी वृद्धि हो सकती है। उधर फ़्रांस में स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को रिपोर्ट दी कि पिछले 24 घंटों में कोरोना ...

बिजली के बिल अदा न करने पर तालेबान ने की घरों की नीलामी

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लंबे समय से बिजली के बिल नहीं जमा करने वाले नेताओं और अधिकारियों के घरों को तालेबान नीलाम कर रहे हैं। तालेबान के एक प्रवक्ता ने बताया है कि उन नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के घरों को नीलाम किया जा रहा है जिन्होंने लंबे समय से बिजली के बिल अदा नहीं किये हैं। इनामुल्लाह समनगानी ने ट्वीट किया है कि पिछली सरकारों के उन नेताओं और सैन्य अधिकारियों के घरों को नीलाम किया जा रहा है जिन्होंने काफ़ी समय से अपने बिजली के बिलों का भुगतान नहीं किया है।  उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व और भूतपूर्व राष्ट्रपतियों अशरफ़ ग़नी तथा हामिद करज़ई के दौर के कई नेताओं, सैन्य अधिकारियों और कूटनयिकों ने वर्षों से अपने घरों के बिजली के बिलों का भुगतान नहीं किया है और लंबे समय से वे लोग बिजली का बिल जमा किये बिना ही रह रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान के बिजली विभाग ने कुछ समय पहले उन लोगों के नामों की सूचि जारी की थी जिन्होंने कई वर्षों से अपने घरों के बिजली के बिलों का भुगतान नहीं किया था।  इन नामों में पिछली सरकारों के कई अधिकारी और नेता शामिल हैं जिनपर बिजली विभाग का बक़ाया बहुत अधिक हो चुका है।

नया साल 2022 सबको बहुत-बहुत मुबारक हो

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नववर्ष 2022 के आगमन पर आप सबकी सेवा में हार्दिक बधाई पेश करता है और सबके लिए मंगलमय वर्ष की कामना करता है। पूरी दुनिया में नए साल 2022 के आगमन की तैयारियां चल रही हैं।  शुक्रवार को सन 2021 का अन्तिम दिन था। शुक्रवार से ही लोग नए साल की तैयारी में लगे हुए हैं और इस प्रतीक्षा में हैं कि उनकी घड़ी कब 12 बजाए और वे नए साल 2022 का अभिनंदन करें। भौगोलिक दृष्टि से कुछ देशों में पहले तो कुछ देशों में कुछ अंतराल से नए साल का आगमन होता है।  न्यूज़ीलैण्ड में हर साल नववर्ष का आगमन सबसे पहले होता है।  इस बार भी न्यूज़ीलैण्ड में सबसे पहले नए साल के आगमन का जश्न मनाया गया।  न्यूज़ीलैण्ड के आक्लैण्ड में नए साल का आगमन हो चुका है।  वहां पर आतशबाज़ी से सन 2022 का भव्य स्वागत किया गया।  आस्ट्रेलिया में भी नया साल शुरू हो चुका है। हर साल जब 31 दिसंबर की रात को 12 बजते हैं तो पूरी दुनिया में आतशबाज़ी के साथ नए साल का स्वागत किया जाता है। याद रहे कि इस साल कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रान के तेज़ी से फैलाव के कारण विश्व के कई देशों में नए साल के आगमन के आयोजन बहुत ही सीमित स्...

नये साल की ख़ुशी मातम में बदली, लगी भीषण आग, 600 से अधिक मकान जलकर राख

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अमेरिका के कोलोराडो राज्य के कई शहरों में भीषण जंगली आग लग गयी जिसकी वजह से एक होटल, एक शॉपिंग सेंटर और 600 से अधिक मकान जलकर नष्ट हो गये जबकि दासियों हज़ार लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने पर मजबूर हो गये। अमेरिका के कोलोराडो राज्य के डेनवर के जंगल में लगी आग के फैलने से कम से कम सात लोग घायल हो गए। बोल्डर काउंटी के शेरिफ जो पेल ने बताया कि क्षेत्र में 169 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के कारण भड़की आग के फैलने से कुछ और लोगों के हताहत होने की आशंका है। पेल ने कहा कि इतनी भीषण आग है जिसे तत्काल नियंत्रित नहीं कर सकते। बचाव अभियान के लिए क्षेत्र में तैनात डिप्टी शेरिफ और अग्निशमन दल के कर्मचारियों को भी निकलना पड़ा। करीब 21,000 की आबादी वाले लुइसविले शहर को खाली करने का आदेश दिया गया। इससे पहले सुपिरियर को खाली करने का आदेश दिया गया था, जहां की आबादी करीब 13,000 है। यह पड़ोसी शहर डेनवर के उत्तर-पश्चिम में लगभग 20 मील (32 किलोमीटर) दूरी पर स्थित है। कोलोराडो के जंगल में यह आग बृहस्पतिवार को लगनी शुरू हुई थी। करीब 6.5 वर्ग किलोमीटर में फैली जंगल की आग से क्षेत्...

अफ़ग़ानिस्तान में बहुत से लोग अपने बच्चों को क्यों बेच रहे हैं?

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भूख, अकाल और निर्धनता के कारण अफ़ग़ानिस्तान के बहुत से परिजन अपने बच्चों को बेच रहे हैं। समाचार एजेन्सी एसोशिएटेड की रिपोर्ट के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान की आर्थिक दुर्दशा और विदेशों विशेषकर अमेरिका में अफगानिस्तान की संपत्ति के रोक लिये जाने के कारण इस देश के लोगों की आर्थिक दशा बहुत खराब हो गयी है और बहुत से लोग भूख से मुक्ति पाने के लिए अपने बच्चों को बेच रहे हैं। अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में एक चिकित्सा क्लिनिक ज़िम्मेदार असोनटा चार्ल्ज़ कहते हैं कि दिन-प्रतिदिन स्थिति बद से बदतर होती जा रही है और दूसरे लोगों को अधिक चुनौतियों व समस्याओं का सामना है। उन्होंने कहा कि बहुत से परिजन, परिवार के दूसरे सदस्यों का खाना तैयार करने के लिए अपने बच्चों को बेचने के लिए तैयार हैं। चार्ल्ज़ ने आगे कहा कि चूंकि कम उम्र में लड़कियों की शादी इस क्षेत्र में प्रचलित है और दुल्हे के घर वाले इस प्रकार के विवाह को लाभप्रद व फलदायी दिखाने के लिए पैसा देने के लिए मजबूर हैं। 

अमेरिकी सैनिकों को इराक से निकालने के लिए क्या चीज़ बहुत ज़रूरी है?

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नया साल आरंभ हो गया परंतु इराक से अमेरिका के अतिग्रहणकारी सैनिक अब तक नहीं निकले हैं। इराकी पार्टियों, गुटों और इस देश के लोगों का मानना है कि इस देश में अमेरिका के अतिग्रहणकारी सैनिकों की उपस्थिति इराकी संसद में पारित होने वाले प्रस्ताव के खिलाफ है। इराकी संसद में जो प्रस्ताव पारित हुआ है उसके अनुसार 31 दिसंबर 2021 तक अमेरिकी सैनिकों को इराक से निकल जाना था। अमेरिकी अधिकारियों के बयानों के दृष्टिगत वे इराक से अपने सैनिकों को निकालने के लिए तैयार नहीं हैं इस आधार पर यह विषय इराकी सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती होगी कि वह समस्त विदेशी सैनिकों को बाहर निकाले और इराकी लोगों को किसी भी रूप में अपने देश में विदेशी सैनिकों का अस्तित्व बर्दाश्त नहीं है। इराकी लोगों की एक मांग अपने देश से समस्त विदेशी सैनिकों को निकालना रहा है इस बात के दृष्टिगत यह विषय इराक की गठित होने वाली नई सरकार में पार्टियों और गुटों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और अगर अमेरिकी सैनिकों को अपने देश से निकालने के बारे में इराकी पार्टियां व गुट एकमत व एकजुट नहीं रहे तो अमेरिका इराक में अपनी पकड़ मज़बूत करेगा और इराक में अपनी उपस...

एक वैज्ञानिक और टीवी स्टार ने कैसे बदल दी बांग्लादेश की तस्वीर

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टंगाइल के एक गाँव में एक नए टीन के शेड वाले घर के सामने शहर से आए लोगों का एक समूह खड़ा है. फ़सल के खेत का दौरा करने के बाद वह थक गया है और थोड़ा आराम कर रहा है. धान की स्थानीय किस्म चामरा के स्थान पर अधिक उपज देने वाले धान की खेती शुरू होने के बाद क्षेत्र की स्थिति क्या है, यह देखने गये थे ये लोग. कई शहरी लोगों को देख कर घर का एक आदमी निकल कर बाहर आ गया. जानना चाहा कि ये लोग कौन हैं. "हम बांग्लादेश चावल अनुसंधान संस्थान (राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट) के लोग हैं," उन्होंने कहा. बांग्लादेश राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट के पूर्व वैज्ञानिक डॉक्टर एमए सलाम ने कहा, "इसके बाद जो कुछ हुआ, उसके लिए हम बिल्कुल भी तैयार नहीं थे." "वह आदमी ख़ुशी से चिल्लाया और मुझे गले लगा लिया. उसने कहा, ''अल्लाह ने आपको फ़रिश्ता बनाकर हमारे पास भेजा है. हम चौंक गए. क्या हुआ, कुछ समझ नहीं पा रहे थे." घटना 1996 की है. जमुना पुल के निर्माण के लिए जिस नदी को नियंत्रित किया गया था, उसके कारण यह क्षेत्र तब बाढ़ मुक्त हो गया था. पहले वहां चामरा धान की स्थानीय क़िस्में ही उगाई जाती थीं, जो बा...

आरबीएल बैंक, अचानक से यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक की कतार में खड़ा नज़र क्यों आ रहा है?

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रिज़र्व बैंक का कहना है -ऑल इज़ वेल. आरबीएल बैंक के नए मुखिया, अंतरिम सीईओ राजीव आहूजा का भी कहना है -ऑल इज़ वेल. लेकिन इन दोनों के जगाए भी भरोसा क्यों नहीं जग रहा है? कुछ तो पर्देदारी है. आख़िर आरबीएल बैंक में हुआ क्या है कि कई सालों से निवेशकों की आंख का तारा रहा यह बैंक अचानक यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक की कतार में खड़ा हुआ नज़र आ रहा है. और इससे बड़ा सवाल यह है कि क्या हुआ है जिसके बारे में न तो बैंक का मैनेजमेंट कुछ कह रहा है और न ही आरबीआई? रिज़र्व बैंक का कहना है कि बैंक में नकदी की कोई किल्लत नहीं है और खाताधारकों को घबराने की ज़रूरत नहीं है. आरबीएल बैंक के मैनेजमेंट का कहना है कि शुक्रवार से रविवार तक जो कुछ हुआ उसका बैंक के कामकाज या आर्थिक स्थिति से कोई रिश्ता नहीं है. यानी न तो डिपॉजिटरों को घबराने की ज़रूरत है न ही निवेशकों को. लेकिन इतना कह देने भर से बात तो नहीं बनती. इसी का असर था कि सोमवार को आरबीएल बैंक के शेयरों ने तेईस पर्सेंट तक का गोता खाया. आरबीएल बैंक का भविष्य क्या है हालांकि बहुत से निवेशकों को लगने लगा कि अब शेयर बहुत सस्ता हो गया है. शायद इसीलिए मंगलवार को...

दिल्ली ओमिक्रोन के निशाने पर, येलो अलर्ट जारी

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भारत में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन तेज़ी से फैल रहा है, जिसकी रोकथाम के लिए देश के कई इलाक़ों में पाबंदियां फिर से लौट आई हैं। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को दिल्ली में लेवल-1 का अलर्ट यानी येलो अलर्ट जारी करते हुए जल्दी ही नई पाबंदियां लागू करने का एलान किया है। दिल्ली में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तय नियमों के मुताबिक़ येलो, अंबर, ऑरेंज और रेड अलर्ट का प्रावधान है। दिल्ली में पहले से ही नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया था। यह नाइट कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक के लिए लागू किया गया है। इसके अलावा येलो अलर्ट के तहत स्कूल, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद किया जा सकता है। ग़ैर-ज़रूरी सामान बेचने वाली दुकानों और मॉल्स आदि को भी ऑड-ईवन के आधार पर खोलने का फ़ैसला लिया जा सकता है। यही नहीं प्राइवेट दफ्तरों की टाइमिंग भी 9 से 5 बजे तक की जा सकती है और कुल क्षमता 50 फ़ीसदी करने का फ़ैसला लिया जा सकता है। येलो अलर्ट के तहत रेस्तरां में भी कुल क्षमता के 50 फ़ीसदी के बराबर लोगों को ही बैठने की परमिशन मिल सकती है। येलो अलर्ट के तहत सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, बैंक्वट ...

अब मदर टेरेसा की संस्था पर मोदी सरकार का शिंकजा

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मदर टेरेसा द्वारा ग़रीब लोगों की सहायता के लिए स्थापित की गई संस्था मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी को विदेश से मिलने वाले फ़ंड पर मोदी सरकार ने रोक लगा दी है। भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि इस संस्था ने कुछ स्थानीय नियमों का पालन नहीं किया है, जिसके बाद विदेश से मिलने वाले उसके फ़ंड को रोकने का फ़ैसला किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी के फ़ॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेगूलेशन एक्ट (एफ़सीआरए) रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करने से इंकार कर दिया है। मोदी सरकार ने यह क़दम ऐसे वक़्त में उठाया है, जब देश में हिंदुत्ववादी संगठनों ने क्रिसमस के अवसर पर कई चर्चों को निशाना बनाया है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई हिंदुत्ववादी संगठन मदर टेरेसा की संस्था पर मदद के बहाने ग़रीब हिंदुओं और आदिवासियों के धर्मांतरण के आरोप लगाते रहे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि इस फ़ैसले से 22,000 मरीज़ और उनके कर्मचारियों पर खाने और दवाओं का असर पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि क़ानून सर्वोपरि है, लेकिन मानवीय क...

धर्म संसद में दिये गए भाषणों से पाकिस्तान नाराज़, तलब किया भारतीय राजदूत को

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भारत के प्रभारी राजूदत को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में आज तलब किया गया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि भारत में कुछ लोगों द्वारा भारतीय मुसलमानों के जनसंहार की घोषणा के कारण भारत के प्रभारी राजदूत को मंगलवार को इस्लामाबाद में तलब किया गया। आसिम इफ़्तेख़ार का कहना है कि कुछ अतिवादी हिंदुओं द्वारा एक कार्यक्रम में मसुलमानों की हत्या की बातें करना और उसपर सत्ताधारी पार्टी की ख़ामोशी की वजह से भारत के प्रभारी राजदूत को बुलाकर पाकिस्तान की आपत्ति से उनको अवगत करवाया गया। भारत के उत्तराखण्ड राज्य के हरिद्वार में पिछले सप्ताह धर्म संसद में इस देश के मुसलमानों के ख़िलाफ़ खुलकर आपत्तिजनक बातें कही गईं।  भारतीय संचार माध्यमों में बताया गया है कि हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय धर्म संसद के दौरान मुसलमानों के विरुद्ध नफ़रत भरी तक़रीरें की गईं। ज्ञात रहे कि 17 से 19 दिसंबर तक होने वाले इस आयोजन में अल्पसंख्क मुसलमानों को मारने और उनके धार्मिक स्थलों को लक्ष्य बनाने की भी बातें कही गईं।

बीजेपी नेता ने मांझी की ज़बान काटने वाले के लिए 11 लाख रुपए का रखा इनाम

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बिहार में हिंदुस्तानी आवामा मोर्चा (हम) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच लगातार टकराव बढ़ता जा रहा है, जिससे नीतीश कुमार की गठबंधन सरकार पर ख़तरे के बादल मंडराने लगे हैं। हम के प्रमुख जीतन राम मांझी की ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी के सत्ताधारी एनडीए गठबंधन में शामिल दलों के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि हम के प्रवक्ता ने नीतीश सरकार को गिराने की धमकी तक दे दी। हालांकि बिहार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने तनाव कम करने की कोशिश करते हुए मांझी को एनडीए का वरिष्ठ नेता बताया है और अपनी पार्टी के नेताओं से कहा है कि मांझी के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी बंद करें। दरअसल पूरे मामले की शुरुआत मांझी के उस बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने ब्राह्मणों को बुरा भला कहा था। हालांकि, बाद में मांझी ने इसके लिए माफ़ी भी मांग ली थी। लेकिन बीजेपी नेता इस क़दर आग बबूला हो गए कि मांझी को खुलकर धमकियां देने लगे। बीजेपी नेता गजेंद्र झा ने तो मांझी की ज़बान काटने वाले के लिए 11 लाख रुपए इनाम तक की घोषणा कर दी। बीजेपी नेताओं की धमकियों से से मांझी इतना आहत हुए कि पार्टी के प्रवक्ता दानिश ...

इराक़ी न्यायपालिका अमरीकी दबाव में-कताएब हिज़बुल्लाह

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इराक़ के कताएब हिज़बुल्लाह संगठन का कहना है कि देश की न्याय पालिका, अमरीकी दबाव में है। अलमयादीन टीवी चैनेल के अनुसार कताएब हिज़बुल्लाह का कहना है कि इराक़ के संसदीय चुनाव में जो कुछ हुआ वह इस देश के इतिहास की सबसे बड़ी धोखाधड़ी है। इराक़ के कताए हिज़बुल्लाह की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि इराक़ की न्यायपालिका, देश के चुनावी परिणामों के संबन्ध में अमरीका और राष्ट्रसंघ के दबाव में है।  जिसने भी इराक़ियों के अधिकारों के साथ धोखाधड़ी की है वह वास्तव में अमरीकी-ज़ायोनी-सऊदी गठबंधन का समर्थक है।  यह वह गठबंधन है जो अपनी अवैध इच्छा को इराक़ियों पर थोपना चाहता है। इस बयान में यह भी कहा गया है कि इराक़ी न्यायपालिका, अमरीकी राजदूत और राष्ट्रसंघ के विशेष दूत की धमकियों और दबाव से प्रभावित है।  कताएब हिज़बुल्लाह ने कहा कि हमने फैसला किया है कि हम अगली किसी भी सरकार में शामिल नहीं होंगे। ज्ञात रहे कि इराक़ की जूडिशीएरी ने इस देश के संसदीय चुनाव होने के 78 दिनों के बाद सोमवार को चुनावों के परिणामों की पुष्टि की है।  न्यायालय ने चुनावों को निरस्त कराने के फैसले को रद्द कर दि...

महमूद अब्बास की बेनी गैंट्ज़ से मुलाक़ात

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हमास ने फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख महमूद अब्बास की इस्राईल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ से मुलाक़ात की कड़ी निंदा की है। बुधवार को हमास के प्रवक्ता हाज़िम क़ासिम ने अपने ट्वीट संदेश में बेनी गैंट्ज़ से महमूद अब्बास की मुलाक़ात को इंतेफ़ाज़ा की पीठ में छुरा घोंपने जैसा क़रार दिया है। क़ासिम का कहना था कि फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी के प्रमुख के इस क़दम से फ़िलिस्तीनी गुटों के बीच की खाई अधिक चौड़ी होगी और स्थिति पहले से भी अधिक जटिल हो जाएगी। क्योंकि क्षेत्र में जो लोग इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाना चाहते हैं, यह क़दम उन्हें प्रोत्साहित और फ़िलिस्तीनियों के पक्ष को कमज़ोर करेगा। ऐसी स्थिति में कि जब वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी लगातार ज़ायोनी सैनिकों और अवैध बस्तियों में बसने वाले ज़ायोनियों के हमलों का विरोध कर रहे हैं, महमूद अब्बास ने इस्राईल के युद्ध मंत्री से मुलाक़ात की है। फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के नागरिक मामलों के मंत्री हुसैन अल-शेख़ ने एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए यह ख़ुलासा किया है कि मंगलवार की शाम महमूद अब्बास ने इस्राईली मंत्री के साथ मुलाक़ात की थी। कहा जा रहा है कि...

ज़ायोनी रक्षा मंत्री से उनके निजी आवास में महमूद अब्बास की मुलाक़ात का क्या मतलब है?

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इस्राईली अख़बार यरूशलेम पोस्ट ने मंगलवार को ज़ायोनी रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ से फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी के मुखिया महमूद अब्बास की मुलाक़ात की ख़बर दी है। यह मुलाक़ात रोश हाईन शहर में स्थित गैंट्ज़ के निजी आवास पर हुई, जिसमें सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। इस्राईल में नफ़्ताली बेनेत के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद से अब्बास की गैंट्ज़ के साथ यह दूसरी मुलाक़ात है। दोनों के बीच पहली मुलाक़ात, अगस्त में रामल्लाह में हुई थी, जो पिछले एक दशक के दौरान इस स्तर पर पहली मुलाक़ात थी। इस मुलाक़ात पर हमास की प्रक्रिया एक ध्यान योग्य बिंदू है। हमास ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए अब्बास के इस क़दम को फ़िलिस्तीनी आंदोलन की पीठ में छुरा घोंपना बताया है। दूसरा बिंदू यह है कि यह मुलाक़ात ऐसे समय में हुई है कि जब इस्राईल ने फ़िलिस्तीनियों के लिए सबसे कठिन परिस्थितियां उत्पन्न कर रखी हैं, चाहे वह ग़ज्ज़ा पट्टी में रहने वाले फ़िलिस्तीनी हों या अवैध अधिकृत इलाक़ों में रहने वाले फ़िलिस्तीनी। इसलिए इस मुलाक़ात को फ़िलिस्तीनियों के ज़ख़्मों पर नमक छिड़कना माना जाएगा और इससे उ...

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी रूस की यात्र करेंगे

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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी 2022 की शुरूआत में मास्को की यात्रा करें, जहां वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर वरिष्ठ रूसी अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे। मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए ईरानी सरकार के प्रवक्ता अली बहादुरी जहरुमी ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अपने ईरानी समकक्ष को मास्को की यात्रा का निंमत्रण दिया है। उन्होंने कहाः राष्ट्रपति राईसी संभवत: नए साल की शुरुआत में दुनिया, विशेष रूप से क्षेत्रीय देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मज़बूत करने की रणनीति के तहत मास्को का दौरा करेंगे। जहरुमी का कहना था कि तेहरान-मास्को के बीच सहयोग में विस्तार दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच होने वाली मुलाक़ात का मुख्य मुद्दे रहेगा। इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मास्को और तेहरान उच्च स्तर पर संपर्क के लिए तैयारी कर रहे हैं।

पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत के सुन्दर दृश्यों की एक झलक

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पश्चिमी आज़रबाइजान ईरान का एक प्रांत है। यह बहुत हरा-भरा प्रांत है। हरा-भरा होना और एतिहासिक अवशेष इस बात का कारण बना है कि बहुत से लोग इन्हीं विशेषताओं के कारण भ्रमण के लिए इस प्रांत का चयन करते हैं। उरुमिया पश्चिमी आज़रबाइजान का केन्द्रीय नगर है। उसमें बहुत सारे दर्शनीय स्थल हैं जैसे संग्रहालय, सोते, पारम्परिक बाज़ार और एतिहासिक इमारतें। उरुमिया के अलावा महाबाद, खुवी, तकाब, चालदरान, सरदश्त और माकू प्रांत के अन्य वे नगर हैं जिनमें बहुत अधिक प्राकृतिक व सुन्दर दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। प्रांत के पर्यटन नगरों में तकाब शहर है। तकाब शहर में तख्ते सुलैमान नाम की एक मशहूर जगह है। वास्तव में तख़्ते सुलैमान एक एतिहासिक और धार्मिक जगह है। उसमें झील, अग्निकुण्ड, अनाहिता उपासना स्थल, सुलैमान जेल और गर्मपानी आदि। “सेन्ट थाडस कथड्रल” आरमिनियन्स इसाईयों का पूरी दुनिया का सबसे पुराना गिरजाघर भी है। यह गिरजाघर पश्चिमी व पूर्वोत्तरी आज़रबाइजान में स्थित है। उरुमिया झील, सहूलान गुफ़ा, उरुमिया की जामेअ मस्जिद और हसनलू टीला इस प्रांत के अन्य दर्शनीय व भ्रमण स्थल हैं।

तालिबान का नया फ़रमान, टीवी और रेडियो पर हर तरह के संगीत पर लगाई रोक

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अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार ने टीवी पर हर प्रकार के संगीत के प्रसारण और बिना हिजाब वाली महिलाओं को दिखाए जाने पर रोक लगा दी है। मंगलवार को तालिबान सरकार की सांस्कृतिक समिति ने टीवी पर यहां तक कि विज्ञापनों में फ़ैशनेबल कपड़ों में लड़कियों को दिखाए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। तालिबान की इस समिति ने एक बयान जारी करके कहा है कि सभी महिलाओं के लिए इस्लामी हिजाब अनिवार्य है। टीवी पर विदेशी कार्यक्रमों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि ऐसे कार्यक्रम इस्लामी और अफ़ग़ानी संस्कृति के अनुसार तैयार नहीं किए जाते हैं। इसके अलावा, तालिबान ने राष्ट्रीय रेडियो और टीवी चैनलों से हर प्रकार के संगीत के प्रसारण पर भी रोक लगाने का एलान किया है। तालिबान का कहना है कि मीडिया को संतुलित ख़बरे प्रसारित करना चाहिए और फ़ेक न्यूज़ से बचना चाहिए। इसके अलावा विदेशी चैनलों को भी तालिबान सरकार के दिशा-निर्देशों को पालन करना चाहिए। अगस्त में काबुल पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद, कुछ तालिबान नेताओं ने विश्व समुदाय को आश्वासन देने की कोशिश की थी कि अब तालिबान बदल चुके हैं और वे 1990 के दशक के तालिबान नही...

अमरीका कोरोना वायरस का असली स्रोत है, चीन

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चाइना न्यूज़ नेटवर्क की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, विभिन्न स्रोतों के डेटा से पता चलता है कि अमरीका कोरोना वायरस का स्रोत हो है, न कि चीन। चाइना न्यूज़ नेटवर्क का दावा है कि अमरीका इस महामारी का असली स्रोत है, और उसी ने चीन समेत दुनिया भर में इस वायरस को फैलाया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि थिंक टैंक न्यूज़ सर्विस और थाई इंस्टीट्यूट द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित अमरीका कोरोना वायरस फैलाने के लिए ज़िम्मेदार है, नामक एक शोध में उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेज़ों के आधार पर ज़ोर दिया गया है कि कोरोना का स्रोत अमरीका है। अमरीका द्वारा कोरोना वायरस को राजनीतिक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करने और इस वायरस पर नई रिपोर्टों के अनुसार, अमरीका में कोरोना वायरस के फैलने की घोषणा, काफ़ी देर से की गई, जबकि यह वायरस अमरीकी सेना की देन है और उसने ही इसे चीन समेत बाक़ी दुनिया में फैलाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशों में भेजे गए अमरीकी सैनिकों ने स्वास्थ्य निर्देशों का उल्लंघन करके वायरस को दूसरे देशों में फैलाया है। इसके अलावा, कुछ देशों के ख़िलाफ़ अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंधों ने भी इस महामार को ...

मौरंग-बालू चुराने के आरोप में सऊदी पुलिस ने एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार

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सऊदी अरब की पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो निर्माणाधीन इमारतों से निर्माण सामग्री चुराया करता था। सऊदी अरब की सरकारी न्यूज़ एजेंसी वास ने बताया है कि राजधानी रियाद से 350 किलोमीटर दूर स्थिति दम्माम के पुलिस के मीडिया प्रवक्ता ने बताया है कि  पूर्वी क्षेत्र पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो निर्माणाधीन इमारतों से निर्माण सामग्री की चोरी करना शामिल था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया व्यक्ति गरीबी से त्रस्त था, और उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। हालांकि पुलिस ने उसको गिरफ्तार करने के आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया है। सऊदी अरब को एक अमीर देश के तौर पर दुनिया मे जाना जाता है और यह देश तेल की दौलत से मालामाल है। इस देश की दौलत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी कुछ समय पहले ही इस देश के क्राउन प्रिंस ने यूरोप के एक गुमनाम फुटबाल क्लब को 900 मिलयन पाउड की कीमत में खरीदा था, जिसके बाद यह क्लब दुनिया के सबसे अमीर क्लबों में बदल गया है।  यह सच है कि देश तेल की दौलत से मालामाल है, लेकिन त्रास्दी यह है कि इस दौलत में आम जनता का कोई हिस्सा नह...

ईरानः पानी की क़िल्लत के बीच इंसान और मगरमच्छ में छिड़ा संघर्ष

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अपने साधारण से घर में फ़र्श पर पड़े सिआहुक दाएँ हाथ में हो रहे दर्द से कराह रहे हैं, जो एक डरावने संघर्ष का नतीजा है. बस दो दिन पहले, वो उस गर्म अगस्त महीने की एक दोपहर थी, जब 70 साल का ये दुबला-पतला गड़ेरिया एक तालाब से पानी लेने गया, और एक गैंडो ने उन्हें दबोच लिया. ईरान के बलूचिस्तान इलाक़े में मगरमच्छ को लोग गैंडो कहते हैं. ये घटना दो साल पहले की है, मगर उसका सदमा और खौफ़ अभी तक उनकी आँखों में दिखाई देता है. वो कहते हैं, "मैंने एकदम नहीं देखा कि वो आ रहा है." मगर तब तक इतना ख़ून बह चुका था कि सिआहुक आधे घंटे बेहोश पड़े रहे. इस घटना का पता तब चला जब उनकी भेड़ें उनके बिना ही उनके छोटे से गाँव डोम्बाक पहुँचीं और फिर लोग उनकी तलाश में निकले. ख़तरनाक ज़िंदगी मगरमच्छ के साथ संघर्ष की ये घटना अकेली नहीं है. बलूचिस्तान में ऐसा बहुत लोगों के साथ हुआ है, जिनमें ज़्यादातर बच्चे थे. बलूची बच्चों के बारे में ईरानी मीडिया में अक्सर भावुक कर देने वाली सुर्खियाँ दिखती हैं, और बहुत जल्दी ग़ुम हो जाती हैं. 2016 में, नौ साल के एक बच्चे अलीरेज़ा को एक मगरमच्छ निगल गया. 2019 की जुलाई में, 10 ...

कठुआ गैंगरेपः पुलिसवालों की सज़ा निलंबित, क्या कह रहे हैं पीड़ित परिवार वाले?

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साल 2018 के कठुआ सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले के दो दोषियों की बाकी सज़ा निलंबित करते हुए अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया है. अदालत ने पूर्व पुलिस सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेड कांस्टेबल तिलक राज को इस मामले में ज़मानत दे दी है. इन दोनों दोषियों की रिहाई से पीड़िता के परिवारवालों में काफ़ी गुस्सा है. दुख भी है. पीड़िता के पिता अख़्तर ख़ान ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, "हमने सुना है कि मेरी बेटी के दो दोषियों को अदालत ने ज़मानत पर रिहा किया है. उनकी रिहाई के बाद हम फिर एकबार ख़ौफ़ में जीने लगे हैं. मुझे डर है कि मेरी बेटी के दोषी अब जेल से बाहर आने लगे हैं और हम को किसी झूठे मामले में उल्टा फंसाया जा सकता है. जिन्हें छोड़ दिया गया है वो बहुत ताक़तवर लोग हैं. हम तो ये सोच रहे थे कि हमें इंसाफ़ मिल गया है ,लेकिन ये कौन सा इंसाफ़ है?" साल 2017-18 में कठुआ ज़िले के रसाना गांव में मुस्लिम बकरवाल समुदाय की एक आठ साल की बच्ची का सामूहिक बलात्कार और फिर हत्या कर दी गयी थी. पुलिस के मुताबिक़ बच्ची को कई दिनों तक ड्रग्स देकर बेहोश रखा गया था. इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के ...

कर्नाटक, धर्म संसद के बाद भाजपा नेता का एक और विवादित बयान, हिन्दुओं की घर वापसी पर दिया बल

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भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और सांसदों की ओर से विवादित और भड़काऊ बयान दिए जाने का क्रम जारी है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने हिंदू धर्म छोड़कर गए हिंदुओं को वापस लाने का आह्वान किया है। सूर्या ने 25 दिसम्बर को उडुपी के श्रीकृष्ण मठ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंदिरों और मठों से हिंदुओं की ‘घर वापसी’ सुनिश्चित कराने की बात कही। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह हिंदुओं की उनके मूल धर्म की वापसी की बात कहते सुने जा सकते हैं। इस एक घंटे बीस मिनट के वीडियो में वे धर्मांतरण रोकने का आह्वान कर रहे हैं। सूर्या ने कहा कि या तो धमकी से या लालच से हिंदुओं को उनके मूल धर्म से निकाला जा रहा है, इससे निपटने का सिर्फ़ एक संभावित समाधान है, वे लोग जिन्होंने भारत के इतिहास के दौरान विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक कारणों से अपने मूल धर्म को छोड़ दिया है, जो हिंदू धर्म से बाहर चले गए हैं, उन्हें पूरी तरह से वापस लाया जाना चाहिए, उन्हें हिंदू धर्म में वापस लाना चाहिए। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि इस तरह के प्रयास युद्धस्तर पर होने चाहिए सूर्या ने ...

कश्मीर में भारत की कार्यवाहियों को बंद करवाया जाएः आसिम इफ़्तेख़ार

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पाकिस्तान का कहना है कि भारत नियंत्रित कश्मीर में किये जाने वाले अत्याचारों को रुकवाया जाए। इस्लामाबाद ने विश्व समुदाय से भारत पर दबाव डालने की मांग की है। पाकिस्तान के अनुसार भारत नियंत्रित कश्मीर में नई दिल्ली की ओर से मानवाधिकारों के उल्लंघन के कारण विश्व समुदाय को भारत पर दबाव बनाना चाहिए। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ़्तेख़ार ने कहा है कि भारतीय सेना के हाथो कश्मीरियों की हत्याएं अब भी जारी हैं।  पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार वहां पर आए दिन झड़पों की ख़बरें और लोगों के घरों की तलाशी का काम चिंता बढ़ाने वाला है।  उन्होंने कहा कि पिछले दिन कश्मीर में दिखावे की झड़पों में 6 कश्मीरी युवा मारे गए। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ़्तेख़ार का कहना है कि कश्मीरी जनता सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के आधार पर अपने भविष्य निर्धारण के लिए संघर्ष करती रहेगी।  जब से अगस्त 2019 से विशेष दर्जे का अधिकार वापस लिया गया है तब से वहां पर तनाव में वृद्धि हुई है। सन 2021 के आरंभ से अबतक कश्मीर में कम से कम 135 लोग मारे जा चुके हैं।

भारत के बुद्धिजीवी, खुलकर आए मुसलमानों के पक्ष में, हेट स्पीच के विरुद्ध की क़ानूनी कार्यवाही की मांग

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भारतीय सुप्रीम कोर्ट के दसियों वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर मुस्लिम समाज के विरुद्ध भड़काऊ भाषण पर संज्ञान लेने की मांग की है।  `` द वायर के अनुसार भारत के सुप्रीम कोर्ट के 76 वकीलों ने इस देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना को पत्र लिखकर हाल ही में दिल्ली और हरिद्वार में हुए कार्यक्रमों में मुस्लिम समाज के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी और उनके नरसंहार के आह्वान के मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट के इन वकीलों ने जस्टिस रमना से गुज़ारिश की है कि वे इस मामले में तत्काल कठोर कार्रवाई का निर्देश दें और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 121ए, 124ए, 153ए, 153बी, 295ए और 298 के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएं।  लाइव लॉ के मुताबिक, वकीलों ने अपने पत्र में कहा है कि इन कार्यक्रमों में जिस तहत के भाषण दिए गए हैं, वे न सिर्फ हेट स्पीच थे, बल्कि उन्होंने एक पूरे समुदाय का नरसंहार करने का आह्वान किया है।  क्योंकि इस तरह के भाषण न सिर्फ देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा हैं, बल्कि उन्होंने करोड़ों मुसलमान नागरिकों को भय के साये में ढकेल दिया है। सुप्रीम क...

15 मई को होंगे लेबनान में संसदीय चुनाव

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लेबनान में संसदीय चुनाव 15 मई 2022 को आयोजित करवाए जाएंगे। लेबनान के गृह मंत्रालय की ओर से सोमवार को घोषणा की गई है कि देश में संसदीय चुनाव की तारीख़ 15 मई निर्धारित की गई है। लेबनान के गृह मंत्रालय ने सोमवार को बयान जारी करके बताया है कि विदेश में रहने वाले लेबनानी 6 से 8 मई के बीच मतदान कर पाएंगे। इससे पहले लेबनान की संसद ने इस देश में 27 मार्च 2022 को संसदीय चुनाव आयोजित करवाने की तिथि निर्धारित की थी किंतु इस देश के राष्ट्रपति मीशल औन ने कहा कि वे चुनाव के लिए इस तारीख़ को स्वीकार नहीं करेंगे। कुछ समय पहले लेबनान के हिज़बुल्लाह की केन्द्रीय परिषद के एक सदस्य शेख नबील फारूक़ ने अपने देश के संसदीय चुनावों में अमरीका और सऊदी अरब के हस्तक्षेप की बात कही थी।  उन्होंने कहा कि अमरीका और सऊदी अरब का हस्तक्षेप, लेबनान के चुनावी वातावरण को दूषित कर रहा है। शेख नबील फारूक़ के बयान से पहले हिज़बुल्लाह के एक अन्य नेता शेख नईम क़ासिम ने बताया था कि देश के आगामी चुनाव के बारे में अमरीका तथा फार्स की खाड़ी के कुछ अरब देशों की नकारात्मक गतिविधियों के कारण आगामी चुनाव बहुत कठिन होगा। हिज़बुल्लाह...

बको सन्मति दे भगवान

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डैंड्रफ़ की समस्या: क्या बालों में रूसी का कोई इलाज है?

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डैंड्रफ़ या बालों में रूसी, एक ऐसी समस्या है जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं. एक ऐसी समस्या जो बार-बार जाकर वापस आ जाती है. हो सकता है आपको ये जानकर आश्चर्य हो कि डैंड्रफ़ मुख्य रूप से एक फ़ंगस के कारण होता है. सामन्य तौर पर डैंड्रफ़ लगभग हम सभी की त्वचा पर प्राकृतिक रूप से होता ही है लेकिन इनमें से आधे लोगों में यह समस्या बन जाता है. उसमें भी एक-तिहाई लोग ऐसे होते हैं जिनमें यह समस्या इस कदर हो जाती है कि उनका बाहर आना-जाना मुश्किल हो जाता है. डैंड्रफ़ की समस्या यूं तो बेहद सामान्य समस्या है लेकिन कई बार समाजिक स्तर पर यह शर्मिदगी का कारण भी बन जाता है. डैंड्रफ़ से निपटने के तरीके कई लोगों ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने सामाजिक समारोहों में जाना और लोगों से मिलना-जुलना इसलिए कम कर दिया क्योंकि उनके डैंड्रफ़ के कारण उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है. लेकिन डरिए नहीं... डैंड्रफ़ से निपटने के कुछ कारगर तरीक़े हैं. डैंड्रफ़ के लिए मुख्य रूप से जो फ़ंगस ज़िम्मेदार है उसे मालासेज़िआ ग्लोबोसा कहते हैं. मुख्य रूप से इसी फ़ंगस के कारण डैंड्रफ़ होता है. ये फंगस हमारी त्वचा और हमारे बालों का त...